फैजाबाद के हिंदुस्तान और दैनिक जागरण अखबार के ब्यूरो चीफों को साहित्य से इतनी घृणा क्यों है?

Anil Kumar Singh : कुछ दिनों पहले इलाहाबाद वि वि में मेरे प्राध्यापक रहे प्रो राजेंद्र कुमार जी का फैजाबाद आना हुआ. वे एक बेहद संजीदा इन्सान होने के साथ ही एक बहुत ही अच्छे शिक्षक भी हैं. एम् ए फाइनल में वे हम लोगों को उर्दू साहित्य का वैकल्पिक पेपर पढ़ाते थे. हमारी जो भी साहित्य, संस्कृति की समझ बनी उसमे गुरुदेव का बड़ा योगदान है. हम लोगों ने उनसे अनुरोध करके फैजाबाद प्रेस क्लब में मुक्तिबोध की ‘अँधेरे में’ कविता पर उनका व्याख्यान आयोजित किया.