एम्स दिल्ली में एडमिट झारखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग को मानसिक और आर्थिक मदद की जरूरत

झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग

झारखण्ड के वरिष्ठ पत्रकार फैसल अनुराग जी, दिल्ली के एम्स अस्पताल में किडनी रोग से पीड़ित अपने इलाज के लिए अकेले ज़िन्दगी की जंग लड़ रहे है। ये जानकारी मुझे संतोष मानव जी (पूर्व संपादक – हरिभूम एवं दैनिक भास्कर) के फेसबुक वाल से प्राप्त हुई। संतोष सर के द्वारा ये जानकारी पोस्ट करने के बाद हालाँकि कुछ ही देर बाद में देश के कई मीडियाकर्मियों तक पहुँच गयी लेकिन फिर भी शायद अभी तक यह खबर सही रूप से मीडियाकर्मियों उनके आन्दोलन के दिनों के साथियों तक नहीं पहुँच पाई है।

फैसल जी को  इस समय जहां अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की ज़रूरत है। वहीं हजारों की भीड़ को संबोधित करने वाले क्रन्तिकारी कलमकार आज स्वयं को अकेला महसूस कर रहे हैं।  फैसल जी को जानने वाले जानते हैं कि उन्होंने हमेशा आदिवासी एवं अल्पसंख्यकों की आवाज़ को अपनी कलम के ज़रिये बल दिया है। आज उन्हें अपने नए पुराने साथियों की ज़रूरत है।  उनका मोबाइल नंबर यहाँ नीचे दे रहा हूं। अगर संभव हो सके तो एक बार उनसे संपर्क ज़रूर कीजिये। साथ ही एक तस्वीर में उनके बैंक अकाउंट की डिटेल भी है। कुछ बन सके तो ज़रूर मदद कीजिए। 

फैसल अनुराग जी का मोबाइल नंबर- 9431171442

नीचे वो पोस्ट भी जस की तस कॉपी पेस्ट कर रहा हूँ जो संतोष सर ने अपने फेसबुक वाल पर कल लिखी थी। साथ ही रांची के एक अन्य पत्रकार आलोक के द्वारा लिखी मार्मिक पोस्ट भी जस की तस हीं कॉपी पेस्ट कर रहा हूँ  

संतोष मानव : Sri रघुवर दास ; Sri CPSingh ; Sri सरयू राय Sri Arjun Munda Sri हेमंत सोरेन ; Sri सुबोधकांत सहाय और झारखंड के तमाम मंतरी-संतरी ; नेता -अभिनेता। मीडिया के लोग। ढाई करोड़ जनता जनारदन। Sri फैसल अनुराग झारखंड की शान हैं। मेहनतकशों की आवाज हैं। सौ फीसदी सच्चे और अच्छे कलमकार हैं। मैंने अब तक के जीवन में ऐसे सच्चे लोग कम देखे हैं। वे एम्स दिल्ली में एडमिट हैं। जीवन के लिए लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में उनको जीतना ही चाहिए। यह हम सब की जिम्मेदारी हैं। देखिए कौन क्या कर सकता है? फैसल जी सचेत हैं। उन्हें लग रहा है कि वे भरी दुनिया में अकेले हैं। यह सोच हमारे लिए ठीक नहीं है। आप सभी कम से कम फोन करके कहिये कि आप उनके साथ हैं। आप उनसे नहीं मिलें, तब भी कहिए कि आप अकेले नहीं है। यह भी असरकारी दवा होगी उनके लिए। 

आलोक रांची : फैसल जी को डर है कि लोग उन्हें छोड़ कर चले गये हैं. वो बार बार ये बात कह रहे हैं. ये सब कुछ उनके मानसिक पटल पर समा गया है. मैं फैसल जी के सभी साथियों, आंदोलनकारी, क्रांतिकारी, बुद्धिजीवी, पुराने पत्रकार साथी सामाजिक संगठन, राजनीतिक दोस्त, जेपी आन्दोलन के साथियों से विशेष आग्रह कर रही हूँ  कि आप उनसे सम्पर्क करें और आंदोलनों के बारे में बाते करें. यही उनका इलाज है. उनसे खूब बात करें, मैसेज करें, ताकि वो अपने संतुलन में आ सके.

लेखक विकास से संपर्क vikash.makkar@yahoo.com या 9818868890 के जरिए किया जा सकता है.

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