फैजाबाद के हिंदुस्तान और दैनिक जागरण अखबार के ब्यूरो चीफों को साहित्य से इतनी घृणा क्यों है?

Anil Kumar Singh : कुछ दिनों पहले इलाहाबाद वि वि में मेरे प्राध्यापक रहे प्रो राजेंद्र कुमार जी का फैजाबाद आना हुआ. वे एक बेहद संजीदा इन्सान होने के साथ ही एक बहुत ही अच्छे शिक्षक भी हैं. एम् ए फाइनल में वे हम लोगों को उर्दू साहित्य का वैकल्पिक पेपर पढ़ाते थे. हमारी जो भी साहित्य, संस्कृति की समझ बनी उसमे गुरुदेव का बड़ा योगदान है. हम लोगों ने उनसे अनुरोध करके फैजाबाद प्रेस क्लब में मुक्तिबोध की ‘अँधेरे में’ कविता पर उनका व्याख्यान आयोजित किया.

वसूली के चक्कर में पिटे दो नामी प्रेस छायाकार

फैजाबाद। वसूली के चक्कर में गये दो समाचार पत्रों के फोटोग्राफरों को कुछ लोगों ने ऐसा धुना की मामला पुलिस तक पहुंच गया। हुआ यूं कि लखनऊ से प्रकाशित समाचार पत्रों के दो फोटोग्राफर 29 सितम्बर को शहर के फतेहगंज क्षेत्र में दुर्गापूजा के दौरान वसूली करने गये थे, वहां कुछ लोगो ने उन दोनो को जमकर पीटा। हालात इतने बिगड़ गये पिटे छायाकारों को शिकायत लेकर थाना कोतवाली नगर जाना पड़ा। पत्रकारों का मामला होने के कारण बड़ी से बड़ी घटना को दर्ज करने में आनाकानी करने वाली पुलिस ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए पीड़ित छायाकारो की तहरीर पर अपराध संख्या 774/14- धारा 279, 337, 429, 523, 504, 506 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी युवक की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।