आशुतोष से फिक्सिंग के बाद ‘बागी’ बने पंकज श्रीवास्तव, 2017 में ‘आप’ के टिकट से यूपी में लड़ेंगे चुनाव!

एसोसिएट एडिटर पंकज श्रीवास्तव को नान-परफारमेंस में खुद की बर्खास्तगी का एहसास पहले से था. इसी कारण उन्होंने कभी आईबीएन7 के मैनेजिंग एडिटर रहे और आजकल ‘आप’ के खास नेता बने घूम रहे आशुतोष से संपर्क साधा. आशुतोष के जमाने में ही पंकज श्रीवास्तव की भर्ती हुई थी. आशुतोष और पंकज की डील हुई. इसी डील के तहत यह तय हुआ कि ऐन चरम चुनावी प्रक्रिया के बीच पंकज श्रीवास्तव अपने नए मैनेजिंग एडिटर सुमित अवस्थी को ‘आप’ और केजरीवाल को लेकर एक मैसेज करेंगे. सबको पता है कि टीवी में इस तरह के आंतरिक मैसेज का अंजाम क्या होता है. पंकज श्रीवास्तव को समय से पहले यानि चुनाव बाद तय बर्खास्तगी से पहले ही बर्खास्त कर दिया गया.

राज्यसभा टीवी में जारी है फिक्सिंग का खेल

इन दिनों टीवी न्यूज़ चैनलों में राज्यसभा टीवी की चर्चा ज़ोरो पर है। बीते दिनों राज्यसभा टीवी में पत्रकारों की भर्ती के लिए हुए मेराथन इंटरव्यू के बाद इस चर्चा ने ज़ोर पकड़ा है। राज्यसभा टीवी पिछले दरवाज़े से पत्रकारों की इंट्री करवाने के लिए पहले ही बदनाम हो चुका है। लेकिन बीते दिनों राज्यसभा टीवी के रकाबगंज रोड स्थित ऑफिस में जो कुछ हुआ उसने एक बार फिर ये साबित कर दिया है कि राज्यसभा टीवी में सिर्फ नेताओं और अफसरों के रिश्तेदार ही पत्रकार बन सकते हैं।ये बात किसी से छिपी नहीं है कि वर्तमान में राज्यसभा टीवी में कार्यरत लगभग सभी पत्रकारों का किसी बड़े नेता या अफसर से रिश्ता रहा है। बीते दिनों इससे जुड़ी कुछ ख़बरें सार्वजनिक होने के बाद देश भर में चर्चा का विषय बनी थी। इस लिहाज़ से राज्यसभा टीवी जनता के बीच पहले ही अपनी ख़ास पहचान बना चुका है। लेकिन बीते दिनों वाक् इन इंटरव्यू के नाम पर हुए फिक्सिंग के खेल ने राज्यसभा टीवी के डायरेक्टर और सचिवालय के अफसरों को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।