न्यूज एक्सप्रेस एमपी-सीजी चैनल ने अपने मीडियाकर्मियों के लाखो रुपए के पीएफ पर डाला डाका

चिटफण्ड कंपनी साईं प्रसाद ने अपने रीजनल मीडिया न्यूज चैनल न्यूजएक्सप्रेस मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के मीडियाकर्मियों के पीएफ में बड़ा घोटाला किया है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब इस चैनल से इस्तीफा देने के बाद मीडियाकर्मियों ने अपने अंतिम माह की सैलरी और पीएफ की माँग की। तब मीडियाकर्मियों को पता चला की न्यूज़ चैनल ने मीडियाकर्मियों की सैलरी में से पीएफ काटा लेकिन जमा ही नहीं किया था।

मध्य प्रदेश के एक मंत्री से लात खाए गरीब बच्चे को एक पव्वा दारू का पैसा देकर मनमाफिक न्यूज गढ़ने में जुटा ‘आजतक’ (देखें वीडियो)

‘आजतक’ वाले ऐसे करते हैं न्यूज मैनेज … मध्य प्रदेश में मंत्री से लात खाए गरीब बच्चे को मन मुताबिक बयान दिलाने के लिए शराब के पव्वे का पैसा दिया रिपोर्टर ने.. पूरा माजरा इस वीडियो में कैद है… धन्य हैं भाजपा के नेता और धन्य हैं आजतक के रिपोर्टर… गरीबी के कारण नशे और बदहाली की चपेट में जी रहे इस बच्चे से भला किसको लगाव हो सकता है..

दैनिक भास्कर के पूर्व मैनेजरों के खिलाफ लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज

जोधपुर। दैनिक भास्कर समाचार पत्र में मैनेजर रहे अनंत वशिष्ट, उनकी पत्नी तनु वशिष्ट, सागर जोशी और पूर्व मार्केटिंग मैनेजर आशिष शर्मा के खिलाफ भास्कर प्रशासन ने लाखों रूपए की धोखाधड़ी के मुकदमें दर्ज करवाए है। दो अलग-अलग रिपोर्टों में भास्कर के वर्तमान मैनेजर ने इन लोगों पर अपने पद का दुरूपयोग करते हुए कुट रचना कर फर्जी कागजात के सहारे लाखों रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए है।

दैनिक जागरण वाले चोर ही नहीं, बहुत बड़े झुट्ठे भी हैं… देखिए इनका ये थूक कर चाटना

दैनिक जागरण के मालिक किसिम किसिम की चोरियां करते हैं. कभी कर्मचारियों का पैसा मार लेते हैं तो कभी कानूनन जो देय होता है, उसे न देकर फर्जी लिखवा लेते हैं कि सब कुछ ठीक ठाक नियमानुसार दिया लिया जा रहा है. ऐसे भांति भांति के फर्जीवाड़ों और चोरियों का मास्टर दैनिक जागरण समूह अब तो बहुत बड़ा झुट्ठा भी घोषित हो गया है. यही नहीं, जब इसका झूठ पकड़ा गया तो इसे थूक कर चाटने को मजबूर किया गया और इसे ऐसा करना भी पड़ा.

Samruddha Jeevan Fraud : महेश किशन मोटेवार समेत तीन डायरेक्टरों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश

लाइव इंडिया न्यूज चैनल संचालित करने वाली चिटफंड कंपनी समृद्धि जीवन के डायरेक्टरों महेश किशन मोटेवार, संतोष पायगोडे और राजेंद्र भंडारे की संपत्ति कुर्क करने के आदेश ग्वालियर की एक अदालत ने दिए हैं. इन तीनों डायरेक्टरों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश रोकने को लेकर दाखिल याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है. तीनों के खिलाफ मजिस्ट्रेट कोर्ट से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं.

Samruddha Jeevan Fraud : अब तो मान लीजिए ‘समृद्ध जीवन’ फ्रॉड चिटफंड कंपनी है, पढ़ें ये 30 पेज की सरकारी जांच रिपोर्ट

कथित मुख्यधारा के मीडिया घराने चिटफंड कंपनियों के हजारों करोड़ रुपये के फ्राड पर लंबी चुप्पी साधे रहते हैं, दिखाते भी हैं तो बस दो चार सेकेंड के लिए या नीचे पट्टी पर चला कर मुंह सिल लेते हैं. वैसे तो छोटे व गैर-जरूरी मसलों पर दिन भर मुंह फाड़े चिल्लाते रहते हैं लेकिन चिटफंड कंपनियों के फर्जीवाड़े के खुलासे पर इन्हें सांप सूंघा रहता है. इसकी बड़ी वजह चिटफंड कंपनियों से मीडिया हाउसों की सेटिंग हैं. हजारों करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में घिरी चिटफंड कंपनियां मीडिया हाउसेज को मुंहमागी कीमत देकर उनका मुंह बंद रखने का काम करती हैं. इसी कारण लुटेरी चिटफंड कंपनियों के फ्राड पर न कभी कोई ‘प्राइम टाइम’ होता है, न कभी कोई ‘विशेष’ आता है और न ही ‘आज की बात’ होती है. ‘धड़ाधड़’ और ‘फटाफट’ खबरों में भी चिटफंड कंपनियों के फ्राड की खबरों पर खूब कृपा करके उन्हें बख्श दिया जाता है.

पीएसीएल पर सेबी ने अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया, देने होंगे 7269 करोड़ रुपये

नई दिल्‍ली। बाजार नियामक सेबी ने पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) और इसके चार डायरेक्‍टर्स पर 7,269 करोड़ रुपए की पेनल्‍टी लगाई है। पीएसीएल को यह रकम 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी। सेबी द्वारा किसी कंपनी पर लगाई गई यह सबसे बड़ी पेनल्‍टी है। सेबी के अनुसार पीएसीएल के डायरेक्‍टर्स तरलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रता भट्टाचार्य ने लोगों से अवैध तरीके से पैसा जुटाया है। इसके चलते कंपनी पर इतना बड़ा जुर्माना लगाया गया है। ज्ञात हो पर्ल और पीएसीएलल की तरफ से ही एक न्यूज चैनल पी7 न्यूज चलाया जाता था। साथ ही कई पत्रिकाएं भी निकाली जाती थीं। बाद में कंपनी के फ्राड का खुलासा होने और कई एजेंसियों के शिकंजे में फंसने के बाद ये मीडिया हाउस बंद हो गया। यहां के कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन के लिए लंबा आंदोलन चलाया जिसके बाद उन्हें उनका हक मिल सका। हालांकि अब भी ढेर सारे कर्मी अपना बकाया पाने के लिए भटक रहे हैं।

चिटफंड कंपनी ‘समृद्ध जीवन’ से सावधान, इसका भी हाल पीएसीएल और शारधा घोटाले वाला होने वाला है!

आजमगढ़ । समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी पर्पज को0आपरेटिव सोसायटी के मेरठ ब्रांच के पूर्व शाखा प्रबंधक संदीप राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी पर्पज कोआपरेटिव सोसायटी के उपर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये सोसायटी देश में चल रही चिटफंड कंपनियों में अग्रणी है और इसका भी हाल पीएसीएल और शारधा चिट फंड घोटाले जैसी कंपनियों वाला होने वाला है। पीएसीएल और शारधा चिटफंड कंपनियों ने आम नागरिकों की 60 हजार करोड रुपये से भी ज्यादा की खून पसीने की कमाई को जी भर कर लूटा था। इसी कडी में अगला एपिसोड समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी पर्पज कोआपरेटिव सोसायटी का होने वाला है। राय ने कंपनी पर आरोप लगाते हुये प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सोसायटी प्रबंधन से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा है।

अपनी नौकरी बचाने के लिए शशि शेखर नीचता पर उतर आये हैं

रमन सिंह : हिन्दुस्तान में साइन कराने का सिलसिला शुरू… अपनी नौकरी बचाने के लिए शशि शेखर नीचता पर उतार आये है. इसी का नतीजा है कि इन दिनों हिन्दुस्तान अखबार में कर्मचारियों से दूसरे विभाग में तबादले के कागज पर साइन कराने का दौर शुरू हो गया है. दिल्ली में तो खुद शशि शेखर जी साइन करा रहे हैं. साइन नहीँ करने वालों को निकालने की धमकी भी दी जा रही है.  मजीठिया से घबराया हिन्दुस्तान फिलहाल जिस कागज पर साइन करा रहा है उसमें भी कई फर्जीवाड़ा है. इसलिए नीचे के फोटो को आप ध्यान से पढ़िए. दो फोटो हैं, दोनों को ध्यान से देखिए. कई फर्जीवाड़े समझ में आएंगे. 

बिहार और यूपी विधानसभा चुनावों को देखते हुए आ गई फर्जी न्यूज चैनलों की बाढ़… रहें सावधान…

मीडिया क्षेत्र में अगर फर्जीवाड़े की बात करें तो सबसे ज्यादा धोखेबाजी और छल न्यूज चैनलों की दुनिया में है. चुनाव आए नहीं कि लुटेरों का गिरोह सक्रिय. आगे है बिहार और यूपी के विधानसभा चुनाव. इन दोनों बड़े राज्यों के चुनाव में खरबों रुपये के वारे न्यारे होते हैं. नेता अपनी ब्लैकमनी जनता के बीच ले आते हैं और वोट खरीदने के वास्ते कैश से लेकर शराब आदि तक बंटवाते हैं. इसी रकम बटाई में से कुछ हिस्सा अपने पाले में करने के लिए कुछ शातिर दिमाग लोग चैनल ले आते हैं. हालांकि नेता चालाक हो चुके हैं और वो जानते हैं कि कौन चैनल मौसमी चैनल है और कौन-से पहले से चल रहे हैं.

गुरुकुल मीडिया और एन.के. मीडिया की धंधेबाजी की कहानी

समूचे देश के परिपेक्ष्य में अगर देखा जाए तो राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनलों की एक लम्बी फेहरिस्त मिलेगी, कुछ वैध तो कई अवैध तरीके से अपना संचालन करते हुए पाए जायेंगे| कई चैनलों ने तो वैध माध्यमों से कार्य करते हुये सफलता की कहानी और इतिहास लिख डाला है, इनमे राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दोनों चैनल शामिल हैं| लेकिन जब आप निचले पायदान पर खड़े चैनलों को देखेंगे तो पायेंगे इनमे से अधिकतर चैनलों के संचालन की नींव ही अवैध रूप से खड़ी की गयी है| अवैध संचालन एक संगठित गिरोह की तरह काम करता है, प्रशासन चाहते हुए भी इस पर संगठित अपराध की कोई धारा नहीं लगा सका|

‘नेशनल दुनिया’ के कर्मचारियों का पैसा खा गए शैलेंद्र भदौरिया

दोस्तों, इस सूचना के माध्यम से हम आपका ध्यान इस ओर दिलाना चाहते हैं कि अगर आप या आपका कोई मित्र, रिश्तेदार, जानकार ‘महाराणा प्रताप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स यानी ‘एमपीजीआई’ के किसी संस्थाीन में प्रवेश लेना चाहता है, नौकरी करने वाला है या किसी अन्य तरह से जुड़ने जा रहा है तो इस बात से सचेत रहे कि यह ग्रुप अपने यहां काम करने वालों के पैसे नहीं देता। 

इतनी बड़ी कॉरपोरेट जालसाज़ी के आरोपियों में टाइम्‍स ऑफ इंडिया समूह के मालिक समीर जैन भी

कोई भी कहानी कभी भी खत्‍म नहीं होती। बस, हम उसका पीछा करना छोड़ देते हैं। पचास साल पुरानी एक लंबी और जटिल कहानी से मेरी मुलाकात दस साल पहले 2005 में हुई थी जिसका नायक उस वक्‍त 84 साल का था। निर्मलजीत सिंह हूण नाम के इस एनआरआइ के इर्द-गिर्द मुकदमों का जाल था। एक ज़माने में कॉरपोरेट जगत पर राज करने वाले शख्‍स को इस देश के कारोबारियों, पुलिस और न्‍याय व्‍यवस्‍था ने पंगु बनाकर छोड़ दिया था। फिर इस शख्‍स ने इस देश की न्‍याय प्रणाली का परदाफाश करने को अपना मिशन बना लिया। उसके मिशन में से एकाध कहानियां हमने भी उठाकर 2005 में ‘सीनियर इंडिया’ में प्रकाशित की थीं, जिसके बाद प्रतिशोध की कार्रवाई में संपादक आलोक तोमर समेत प्रकाशक और मालिक सबको जेल हो गई। पत्रिका बंद हो गई, आलोकजी गुज़र गए, हूण से हमारा संपर्क टूट गया, लेकिन उनका मिशन जारी रहा।

रिपोर्टर बनाने का सपना दिखा प्रेस आईडी कार्ड देने के नाम पर 4500 रुपये वसूलती है ये न्यूज एजेंसी

दिल्ली के द्वारका में एक न्यूज एजेंसी है. नाम है- परफेक्ट न्यूज इंटरनेशनल. इसके मालिक का नाम कुमार सौरव है. ये एजेंसी प्रेस आईडी कार्ड देने के नाम पर लोगों से 4500 रुपये वसूलती है. पैसे लेकर आईडी कार्ड दिए जाते हैं. आईडी कार्ड देकर कहा जाता है कि अब तुम रिपोर्टर बन गए. साथ ही अगर कोई स्टेट ब्यूरो पाना चाहता है तो उसे पंद्रह हजार रुपये देने पड़ते हैं.

यूपी में ‘टाइम इन्फार्मेशन सर्विसेज’ कंपनी का महाठगी अभियान

 

लखनऊ : श्रीनगर, आलमबाग, लखनऊ निवासी सुशील अवस्थी का कहना है कि यूपी की टाइम इन्फार्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लि. कंपनी अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए आम जनता को ठग रही है। इस कंपनी का पता है – बख़्शूपुर, जमनिया रोड, ग़ाज़ीपुर (यूपी)। इस कंपनी का CIN नंबर है- U74120UP2011PTC045400. यह कंपनी भारत सरकार की स्वावलम्बन पेंशन योजना का अपने व्यावसायिक लाभ के लिए बेज़ा इस्तेमाल कर रही है। सुशील अवस्थी बताते हैं कि वह तमाम उच्चाधिकारियों, कंपनी से संबंधित विभाग और सरकार से अपनी फरियाद सुनाने के साथ पुलिस में कंपनी की करतूतों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा चुके हैं लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जानबूझकर मीडिया भी इसके कारनामों पर रहस्यमय ढंग से खामोशी साध बैठा है। 

मातृश्री पुरस्कार या दलालश्री एवार्ड! : साधना के मालिक गौरव गुप्ता और पंजाब केसरी के मालिक आदित्य नारायण चोपड़ा को किस काम के लिए पुरस्कार?

मातृश्री पुरस्कार या दलालश्री एवार्ड? यह सवाल अब उठेगा. साधना टीवी और पंजाब केसरी अखबार के मालिकों के बेटों को किस बात के लिए किस काम के लिए पुरस्कार देने की घोषणा की गई है? गौरव गुप्ता और आदित्य नारायण चोपड़ा ने आखिर पत्रकारिता क्षेत्र में क्या इतना बड़ा योगदान कर दिया है कि इन्हें भरी जवानी में पुरस्कृत किया जा रहा है? कहने का आशय ये कि जिन्हें अपने खानदान के मीडिया बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए आए हुए जुम्मा जुम्मा दो ही दिन हुए हों, उन्हें एवार्ड देने की जल्दी क्यों?  

वांटेड चैनल मालिक अरूप चटर्जी को बचा रहे हैं झारखंड के भाजपाई मुख्यमंत्री रघुवर दास!

(झारखंड की मीडिया का नटवरलाल अरुप चटर्जी जो हर कानून और हर सरकार को ठेंगा दिखा रहा)

गैर जमानत योग्य वारंटी अरूप चटर्जी को पुलिस गिरफ्तार करे भी तो कैसे? अभी मिली जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल को अरूप ने पार्टी दी थी जिसमें मुख्यमंत्री रघुबर दास 7:45 से 8:15 बजे तक मौजूद थे। 13 और 14 अप्रैल को अरूप की पटना यात्रा के दौरान उसकी मुलाक़ात अमित शाह और केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से हुई थी। अरूप और रांची के उसके एक व्यवसायिक मित्र की मुलाक़ात धर्मेन्द्र प्रधान से दिल्ली में 19 तारीख को तय है।

मजीठिया वेतनमान से बचने के लिए दैनिक जागरण प्रबंधन ने किया इतना बड़ा फ्रॉड

लो जी, दैनिक जागरण प्रबंधन प्रायोजित फर्जी यूनियन की पूरी जानकारी और वह भी पूरे प्रमाण और दस्‍तावेज के साथ। यूनियन का नाम है-”जागरण प्रकाशन लिमिटेड इम्‍प्‍लाइज यूनियन 2015”। 

पीएसीएल के निवेशक परेशान, भंगू ने सम्मन फेंका कूड़ेदान में, एजेंसियां लाचार

पीएसीएल के हजारों करोड़ रुपये के फ्राड के पीड़ित धीरे धीरे सामने आ रहे हैं लेकिन पूरे तंत्र को भंगू ने इस तरह साध लिया है कि कहीं पीड़ितों की आवाज तक नहीं उठ रही है. सहारा उगाही मामले में सेबी और सुप्रीम कोर्ट ने भले तल्ख रुख दिखाकर सुब्रत राय को अंदर कर दिया लेकिन भंगू मामले में सारी मशीनरी असहाय दिख रही है. भारतीय सेना के रिटायर अधिकारी केएल शर्मा ने अपनी बिटिया की शादी के मकसद से पीएसीएल में अपनी सेविंग को इनवेस्ट कर दिया था. यह बात 2007 की है. बीते साल यह निवेश मेच्योर हो गया. उन्होंने कुल पौन तीन लाख रुपये लगाए थे. कंपनी ने मेच्योरिटी पर जो देने का वादा किया था, उसे तो छोड़िए, सेना के इस रिटायर अधिकारी को अपना मूल धन वापस नहीं मिल रहा. इस अधिकारी ने धन डबल होने के लालच में पैसा लगा दिया था.

मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : शोभना भरतिया और शशि शेखर को शर्म मगर नहीं आती… देखिए इनका कुकर्म…

हिंदुस्तान अखबार और हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की मालकिन हैं शोभना भरतिया. सांसद भी हैं. बिड़ला खानदान की हैं. पैसे के प्रति इनकी भूख ऐसी है कि नियम-कानून तोड़कर और सुप्रीम कोर्ट को धता बताकर कमाने पर उतारू हैं. उनके इस काम में सहयोगी बने हैं स्वनामधन्य संपादक शशि शेखर. उनकी चुप्पी देखने लायक हैं. लंबी लंबी नैतिक बातें लिखने वाले शशि शेखर अपने घर में लगी आग पर चुप्पी क्यों साधे हैं और आंख क्यों बंद किए हुए हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए. आखिर वो कौन सी मजबूरी है जिसके कारण वह अपने संस्थान के मीडियाकर्मियों का रातोंरात पद व कंपनी जबरन बदले जाने पर शांत बने हुए हैं.

‘अभय सिन्हा जैसे घटिया और भ्रष्‍ट लोगों से आनंद कुमार को बचना चाहिए’

Abhishek Srivastava : कल रात मोबाइल पर एक संदेश आया, ”कृपया स्‍वराज संवाद में योगदान के लिए निमंत्रण स्‍वीकारें, 14 अप्रैल, 10-6 बजे, इफको चौक मेट्रो स्‍टेशन के अतिनिकट। आप को आगे बढ़ाएं। न छोड़ेंगे, न तोड़ेंगे। सुधरेंगे, सुधारेंगे। धन्‍यवाद। आनंद कुमार, अभय सिन्‍हा।” Prof Anand Kumar के साथ अभय सिन्‍हा का नाम देखकर थोड़ा अचरज हुआ। अभय सिन्‍हा से मेरा और Rajesh Chandra का 2003 में पाला पड़ चुका है। ये तीन सिन्‍हा बंधु हैं।

डा. जेके जैन और इनके सुपुत्र के फर्जीवाड़े को सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं

Yashwant Singh : डा. जेके जैन का नाम हो सकता है बहुतों ने न सुना हो. जैन टीवी के मालिक हैं. भाजपा के नेता रहे हैं. कहने को डाक्टर हैं लेकिन डाक्टरी को छोड़कर बाकी सारे धंधे करते हैं. जैन टीवी के जरिए उगाही बिजनेस करने के अलावा ये दूसरे जो धंधे करते हैं उसमें एक धंधा हेल्थ सेक्टर का भी है. इनकी एक कंपनी कैसे फर्जी डाक्टरों को नियुक्त कर जनता के तन और सरकारी धन के साथ खिलवाड़ करती है, इसकी एक बानगी आप लोगों के सामने पेश है. इस लिंक http://goo.gl/POlIyW पर क्लिक करें. एक आडियो टेप मिलेगा, जिसे आप सुनिएगा. इसे आप डेस्कटाप या लैपटाप पर सुन सकते हैं. जिन जिन मोबाइल में फ्लैश फाइल होगा, वे भी सुन सकते हैं.

सहारा वालों ने बिहार के सीएम के गांव की बूढ़ी लाचार महिला का सवा तीन लाख रुपये हड़पा

Regarding SAHARA maturity not paid to investor

Yashwant Sir,

Editor, www.Bhadas4Media.com

My mother Saroj Singh 70 years old is illeterate. Her SAHARA a/c control no- 20719201775, date 15-12-2003 maturity amount Rs 320000/-. Without her permission by keeping her in dark maturity amoung fixed in other scheme Receipt no-034005534023-43, Date 19-09-2014, Amount Rs 320000/-. This is the case of Bihar CM village Harnauth branch code (2071). branch Manager Mr Vijay Singh-09939205612, 09471004666.

जैन टीवी वाले डाक्टर जेके जैन और उनके सुपुत्र अंकुर जैन का नया फर्जीवाड़ा… (सुनें ये आडियो टेप)

Dear Sir, I am sending a conversation between a company Vice president HR and Project GM. Company working for Indian Goverment health projects like NRHM and etc. They recruit fake doctors without any verification and they recruiting 50 above doctors from 2009 to till date.

सुभाष चंद्रा ग्रुप के हिमगिरी जी विश्वविद्यालय का फ्रॉड, छात्र-छात्राएं हो रहे परेशान

Respected Sir, Myself xxx from Dehradun, i got your mail ID from Internet as you are so famous among everyone. The reason for this mail is I need your support and help, as may be you heard about our problem though the means of Media… FOCUS NEWS. 

‘लाइव इंडिया’ न्यूज चैनल : सेलिब्रिटी कॉन्ट्रेक्ट के नाम पर चैनल के अंदर-बाहर के लोगों ने बनाया पैसा!

पूरी कहानी को समझने के लिए सबसे पहले इस यूट्यूब लिंक ( https://www.youtube.com/watch?v=KZPOILhTRf4 ) पर क्लिक करके वीडियो देखें जो महाराष्ट्र टीवी पर प्रसारित खबर है. इसमें रोशनी चोपडा, जो एकंर हैं, इस समय लाइव इंडिया के साथ वर्ल्ड कप के लिए जुडी हैं, की चीटिंग की कहानी है. आरोप है कि प्रोडक्शन हाउस को धोखा इस वजह से किया गया क्योंकि इस कांट्रेक्ट के जरिए लाइव इंडिया चैनल से जुड़े टॉप लोगों ने पैसे बनाए.

पीएसीएल ने भारतीय तंत्र को दिखाया ठेंगा, पाबंदी के बावजूद जमकर उगाही जारी

चिटफंड कंपनी पीएसीएल को हजारों करोड़ रुपये का फ्रॉड करने के कारण भले ही सरकारी सिस्टम चौतरफा शिकंजे में लिए हो लेकिन इस कंपनी की सेहत पर कोई असर पड़ता दिख नहीं रहा है. कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू के अघोषित आदेश के कारण पीएसीएल का पैसा उगाही अभियान जोरों पर जारी है. एक ताजे आंतरिक सर्वे में पता चला है कि इस कंपनी ने बिहार, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत भारत के बहुत बड़े हिस्से में निवेशकों को बरगलाकर पैसे जमा कराने का काम जारी रखा हुआ है.

(राजस्थान का कोटा शहर. यहां चिटफंड कंपनी पीएसीएल का चमचमाता बड़ा सा आफिस बीच शहर में जोर शोर से चालू है. यहां हर रोज लाखों रुपये निवेशकों का जमा कराया जाता है. पीएसीएल के एजेंट स्थानीय लोगों को लंबे चौड़े सपने दिखाकर पैसे जमा कराते हैं और खुद भारी भरकम कमीशन खाते हैं. यह खेल पूरे देश में जारी है. हालांकि सेबी, सुप्रीम कोर्ट समेत कई एजेंसियों संस्थाओं ने इस कंपनी पर पाबंदी लगाकर निवेशकों से पैसे जमा कराने पर रोक लगा दी है और पहले जमा कराए गए पैसे लौटाने को कहा है. पर पीएसीएल के कर्ताधर्ता भारतीय तंत्र को धता बताकर अपना धंधा जारी रखे हुए हैं.)

1500 करोड़ के चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी कमल सिंह का सबसे खास एजेंट मिहिर मौलिक जेल गया

जादूगोड़ा : झारखंड के राजकॉम 1500 करोड़ के चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी कमल सिंह के सबसे मुख्य एजेंट मिहिर मौलिक को जादूगोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसके बाद निवेशकों मे भारी खुशी का माहौल है. अब निवेशक जल्द से जल्द कमल सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. मिहिर मौलिक पर जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले कुशों मुखी ने ठगी, जातिसूचक गालीगलोच करने, चेक बाउंस होने एवं नौकरी के नाम पर 15 लाख रुपया ठगी का आरोप लगाकर जादूगोड़ा थाना मे मामला दर्ज़ करवाया. इसके बाद कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी अरविंद प्रसाद यादव ने मिहिर मौलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. उस पर चारसौबीसी एवं एसटीएससी समेत अन्य धाराओ में मामला दर्ज़ किया गया है.

पाठकों से खुलेआम चीटिंग : सीबीएसई का नाम लेकर एक निजी इंस्टीट्यूट की वेबसाइट को प्रमोट कर रहा है दैनिक जागरण

आदरणीय यशवंत जी, एक ओर दैनिक जागरण खुद को देश का नंबर एक अखबार होने का दावा करता है दूसरी ओर जागरण के संपादक व कार्यकारी अधिकारी समाचार पत्र को उतनी गंभीरता से नही लेते। इसकी बानगी 20 जनवरी 2015 के जागरण के बागपत संस्करण में देखने को मिली। हालाकि दी गई खबर मेरठ के एक पत्रकार ने लिखी है तो जाहिर है कि खबर मेरठ यूनिट के अन्य संस्करणों में भी गई होगी।

मनोरंजन टीवी के फर्जीवाड़ा ‘चेहरा पहचानो इनाम जीतो’ का एक शिकार मैं भी हूं

विषय : Fraud of Manoranjan TV

निदेशक
मनोरंजन टीवी
आदरणीय सर

आपके चैनल Manoranjan TV पर आने वाले ‘चेहरा पहचानो इनाम जीतो’ विज्ञापन के जरिए लोगों को पागल बनाने का काम किया जाता है. इसका एक शिकार मैं भी हुआ हूं. मेरे पास आज दिनांक 09 दिसंबर को फोन आया कि आपको 12 लाख 50 हजार रुपए इनाम में मिलने वाला है. इसे पाने के लिए मेरे से अभी तक इनाम देने वालों ने 86 हजार रुपए तक वसूल लिए हैं.