जिस दफ्तर से कैश 137 करोड़ मिले वहीं के कर्मचारियों को तंगी के नाम पर वेतन नहीं मिल रहा

Girijesh Vashistha : सहारा के दफ्तर से 137 करोड़ मिलते हैं लेकिन उसी सहारा के दफ्तर में पिछले कुछ महीनों से पैसे की तंगी के नाम पर लोगों को वेतन नहीं मिल रहा। श्री न्यूज बड़े बड़े अवार्ड फंक्शन करता है। वहां के मालिक सिर्फ अपनी इमेज बनाने के लिए करोड़ों खर्च करते हैं। कर्मचारियों का वेतन वहां भी वक्त से नहीं मिलता। ये दो सिर्फ उदाहरण भर हैं। मेरी समझ में नहीं आता समय पर वेतन न देने को इतना हल्के में क्यों लिया जाता है। इसे संज्ञेय अपराध क्यों नहीं बनाया जाता।