बेचारी विजय-हरक कम्पनी!

उत्तराखण्ड में हरीश रावत सरकार को ‘ढेर’ कर चुके उन्हीं की पार्टी के (तब) नौ विधायकों को अब ऐसी दोहरी वेदना से गुजरना पड़ेगा, जिसका अनुमान केवल वे ही लगा सकते हैं। एक तो भविष्य फ़िलहाल चौपट और उस पर रावत का सरकार बनाना इन लोगों के लिए ऐसी स्थिति होगी, जैसे किसी गरीब आदमी की उधार लायी भैंस मर गई और ऊपर से कर्जदार ने भैंस के पैसे न चुकाने पर मुकदमा दर्ज कर दिया।