‘दृष्टांत’ मैग्जीन के सम्पादक अनूप गुप्ता को अपनी हत्या की आशंका

मैं पिछले लगभग डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़कर दस्तावेजों के साथ भ्रष्टाचार की पोल खोलता आ रहा हूं। पिछले कुछ समय से मैंने तथाकथित भ्रष्ट नौकरशाही से लेकर लखनऊ की भ्रष्ट पत्रकारिता के खिलाफ अभियान सा चला रखा है। परिणामस्वरूप मेरी मिशन पत्रकारिता को चोट पहुंचाने की गरज से विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करने का दौर जारी है। किसी ने मुझे जान से मारने की धमकी दी तो किसी ने मेरी पत्रकारिता को चुनौती देने की कोशिश की। हास्यासपद पहलू यह है कि मुझे चुनौती देने वाले वे पत्रकार हैं जिनका लेखन कार्य से दूर-दूर का रिश्ता नहीं रह गया है। अभी हाल ही में मेरी पत्रिका के ‘शीर्षक’ को भी चुनौती दी गयी।