झूठी खबर छापने वाला दैनिक जागरण थूकने के बाद फौरन चाटने लगता है!

Yashwant Singh : सुबह सुबह एक फोन आया. आवाज आई- मैं मनीष राय बोल रहा हूं, मऊ से. मैंने कहा- बोलिए. मनीष जी ने अपना परिचय दिया और जो कुछ बताया उसे सुनकर मैं सन्न रह गया. आखिर दैनिक जागरण जैसे बड़े अखबार अगर इस तरह की गिरी हरकत और गैर-जिम्मेदार हरकत करेंगे तो इस देश में मीडिया की बची खुची प्रतिष्ठा में खत्म हो जाएगी. मनीष एक जमाने में पत्रकार हुआ करते थे. फिर वह राजनीति में आ गए और ब्लाक प्रमुख बन गए. इसके बाद उन्होंने एक ट्रामा सेंटर खोला. दैनिक जागरण में उनके ट्रामा सेंटर से संबंधित खबर छपी कि वहां मरीज की किडनी निकाल ली गई.