भारी विरोध के बावजूद फ़्रांसीसी व्यंग पत्रिका शार्ली हेब्दो का सम्मान

विरोध के बावजूद पैग़म्बरे इस्लाम का अपमान करने वाली फ़्रांसीसी व्यंग पत्रिका शार्ली हेब्दों को अमरीका के न्यूयार्क में सम्मानित किया गया। बताते हैं कि यह पुरस्कार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दिया गया। पुरस्कार ‘मेमोरीज ऑफ पोरकुपाइन’ के लेखक एलाइन मबानकोऊ द्वारा प्रदान किया गया। 

पेन अमेरिकन सेंटर की ओर से आयोजित यह समारोह इसलिए भी विशेष हो गया कि इस समारोह को टेक्सास में पैगम्बरे इस्लाम (स) पर आयोजित कार्टून प्रतियोगिता के दौरान हुई गोलीबारी के मात्र दो दिनों के अंतराल पर किया गया।  टेक्सास में हुए हमले को देखते हुए समारोह के आयोजनकर्ताओं ने सुरक्षा बढ़ा दी। 

कई लेखकों के विरोध के बावजूद पेन अमेरिकन सेंटर ने यह पुरस्कार, पत्रिका शार्ली हेब्दो को ही देने का निर्णय किया। पेन ने बताया कि प्रतियोगिता से नाम वापस लेने वाली एक उपन्यासकार रिचेल कुश्नेर, शार्ली हेब्दो की सांस्कृतिक असहिष्णुता से असंतुष्ट हैं।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

रेनाल्ड लुजियर अब नहीं बनाएंगे पैगंबर के कार्टून

पेरिस में मैगजीन के दफ्तर पर आतंकी हमला होने के बाद नए एडिशन में कार्टूनिस्ट रेनाल्ड लुज ने ही कवर पेज के लिए पैंगबर का कार्टू बनाया था। जिसके बाद 7 जनवरी को पेरिस में चार्ली हेब्दो के दफ्तर पर आतंकियों ने हमला कर गोलियां बरसाई थीं जिसमें दो पत्रकारों और दस -कार्टूनिस्ट सहित 12 लोगों की मौत हो गई थी।

यह पत्रिका साप्ताहिक व्यंग्य पत्रिका है, जो कई विवादित कार्टून छाप चुकी है। अपनी बेबाकी और विवादित कार्टून बनाने के लिए जाने-जाने वाली फ्रेंच मैगजीन चार्ली हेब्दो के हेड कार्टूनिस्ट ने एलान किया है कि वह अब पैगंबर मोहम्मद के कार्टून नहीं बनाएंगे। एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में रेनाल्ड लुज ने कहा, पैगंबर का कार्टून बनाने में अब मेरी कोई दिलचस्पी नहीं बची है।

उनके कार्टून बनाकर मैं ठीक उसी तरह ऊब चुका हूं जैसे कि निकोलस सर्कोजी के कार्टून बनाकर। लुज ने कहा कि आतंकवादी हमसे जीते नहीं बल्कि हारे हैं। आतंकवादी तब जीतते जब फ्रांस के लोग उनसे डर जाते, लेकिन ऎसा नहीं हुआ। गौरतलब है कि शार्ली एब्दो एक साप्ताहिक व्यंग्य पत्रिका है जो कार्टूनों के जरिए राजनीतिक सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष करती है।

आतंकवादियों ने इसी सील पेरिस में शार्ली एब्दो के ऑफिस पर हमला कर दिया था। इस हमले में 12 लोग की मौत हो गई थी। आतंकियों का कहना था पैगंबर का अपमान का बदला लेने के लिए ये हमला किया गया था। इस्लाम में पैगंबर को किसी भी रूप में चित्रित करना ईशनिंदा के दायरे में आता है। हालांकि इस हमले के बाद भी मैगजीन के स्टाफ और लुज का हौंसला नहीं टूटा और अगले एडिशन में उन्होंने फिर से कवर पेज पर पैगंबर का कार्टून छापा था।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: