हितेश शंकर जैसी स्पष्टता बीजेपी के लिए काम कर रहे पत्रकारों / प्रचारकों में कभी नहीं देखी

Prashant Rajawat : किसी भी राजनीतिक दल के मुखपत्र, अख़बार, पत्रिकाएं और वेबसाइट। इनमे काम करने वाले पत्रकार निश्चित ही अपने दल के लिए प्रचारक की भूमिका निभाते हैं। इसमें गलत भी कुछ नहीं यहीं इन पत्रकारों का कर्तव्य है। पर जब ये स्वतंत्र पत्रकार की भूमिका में खुद को प्रस्तुत करते हैं पार्टी सेवा से इतर तब पचता नहीं मुझे। इस मामले में पाञ्चजन्य सम्पादक हितेश शंकर जी का जवाब नहीं। वर्ष 2013 में नौकरी की तलाश करते हुए पाञ्चजन्य पहुंचा था वहां जगह निकली थी।