विराट कोहली देश के हीरो तो पीआर श्रीजेश क्यों नहीं?

Khushdeep Sehgal : शुक्रवार रात को अधिकतर भारतीय सो रहे थे, उस वक्त भारतीय हॉकी टीम दुनिया की सबसे श्रेष्ठ टीम ऑस्ट्रेलिया से लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में लोहा ले रही थी…चैंपियंस ट्रॉफी के 38 साल के इतिहास में ये पहली बार हुआ कि भारत ने फाइनल में जगह बनाई…दोनों हॉफ में कोई टीम गोल नहीं कर सकी…इस दौरान ऑस्ट्रेलिया को कई पेनल्टी कॉर्नर के साथ पेनल्टी स्ट्रोक भी मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने उनकी एक नहीं चलने दी…आखिरकार पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया भारत को 3-1 से हराकर 14वीं बार इस टूर्नामेंट का चैंपियन बना…भारत ने पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी का सिल्वर मेडल अपने नाम किया…अभी तक इस टूर्नामेंट में भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि 1982 में रही थी जब उसने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था…