हिंदुस्तान अखबार के 200 करोड़ रुपये के सरकारी विज्ञापन घोटाले की जांच फिर शुरू करेगी मुंगेर पुलिस

मुंगेर (बिहार) : सुप्रीम कोर्ट के 11 जुलाई 2018 के आदेश के आलोक में मुंगेर जिले की पुलिस हिन्दी दैनिक हिन्दुस्तान के 200 करोड़ के सरकारी विज्ञापन-घोटाला में शीघ्र ही अनुसंधान शुरू करेगी। माना जा रहा है कि अब पुलिस अनुसंधान को अंतिम मुकाम तक ले जायेगी। इस घोटाले के नामजद अभियुक्तों की ओर से पटना हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं के कारण इस मुकदमे में सभी प्रकार की पुलिस कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी गई थी। इस अंतरिम आदेश के आलोक में मुंगेर पुलिस का अनुसंधान लगभग पांच वर्षों से अधिक समय तक लंबित रहा। Continue reading

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सुप्रीम कोर्ट ने ‘हिंदुस्तान’ की मालिकन शोभना भरतिया पर सवा लाख रुपये का हर्जाना ठोका

शोभना भरतिया

दैनिक हिन्दुस्तान फर्जी संस्करण और 200 करोड़ का सरकारी विज्ञापन घोटाला प्रकरण, सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल 2018 तय…. सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च 2018 को एक ऐतिहासिक आदेश में मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटे, नई दिल्ली की चेयरपर्सन व पूर्व कांग्रेस सांसद शोभना भरतिया को सवा लाख रूपए की हर्जाना राशि के भुगतान का आदेश दिया। मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटेड नामक कंपनी देश में दैनिक हिन्दुस्तान नाम के हिन्दी दैनिक का प्रकाशन करती है।

कोर्ट ने पीटिशनर शोभना भरतिया को आदेश दिया कि वह हर्जाना राशि से एक लाख रूपया वार विडोज ऐसोसियेशन और पच्चीस हजार रुपया रेस्पोन्डेन्ट नं0. 02 मन्टू शर्मा को भुगतान करें। सुप्रीम कोर्ट के माननीय जस्टिस जे.  चेलामेश्वर और माननीय जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ ने 16 मार्च 2018 को दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपरोक्त आदेश सुनाया और इस मुकदमे की सुनवाई की अगली तारीक्ष 18 अप्रैल 2018 निर्धारित कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च 2018 को पारित अपने आदेश में लिखा है- ‘कोर्ट अनुभव करता है कि स्पेशल लीव पीटिशन, क्रिमिनल 1603। 2013 , जो अब क्रिमिनल अपील नं0. 1216। 2017 के नाम से जाना जाता है, में पीटिशनर  को अपने वरीय अधिवक्ता की अनुपस्थिति में बहस के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी. इसलिए कोर्ट रेस्पोन्डेन्ट नं. 2 मन्टू शर्मा को क्षतिपूर्ति के लिए  पीटिशनर शोभना भारितया को सवा लाख हर्जाना राशि के भुगतान का आदेश देता है।”

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में आगे लिखा है- ”गत 18 जनवरी 2018 को भी न्यायालय में बहस इसलिए स्थगित कर दी गई थी क्योंकि पीटिशनर शोभना भरतिया के विद्वान वरीय अधिवक्ता न्यायालय में अनुपस्थित थे। रेस्पोन्डेन्ट नं. 02 के विद्वान वरीय अधिवक्ता ।श्रीकृष्ण प्रसाद। ने न्यायालय से प्रार्थना की थी कि मुकदमे का निबटारा त्वरित होना चाहिए। न्याय का तकाजा था कि कोर्ट ने पीटिशनर शोभना भरतिया और रेस्पोन्डेन्ट नं. 01 बिहार सरकार को न्यायालय में अपना-अपना पक्ष रखने के लिए 14 मार्च 2018 की अगली सुनवाई तिथि निर्धारित की थी।”

रेस्पोन्डेन्ट नं. 2 मन्टू शर्मा की ओर से बहस में हिस्सा ले रहे वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने बहस में हिस्सा न लेने के लिए पीटिशनर शोभना भरतिया पर बड़ा हर्जाना लगाने और उनका और बिहार सरकार  का पक्ष सुन लेने की प्रार्थना की। अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने कोर्ट को सूचित किया कि पीटिशनर इस मुकदमे में सुनवाई से कतरा रही हैं और रेस्पोन्डेन्ट नं. 02 मन्टू शर्मा के अधिवक्ता नई दिल्ली से लगभग दो हजार किलोमीटर दूर बिहार के मुंगेर जिला मुख्यालय से हर तिथि पर सुप्रीम कोर्ट में विगत पांच वर्षों से कोर्ट की कार्रवाई में हिस्सा लेते आ रहे हैं लेकिन सुनवाई लगातार टलती जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट में 16 मार्च 2018 को बहस के दौरान पीटिशनर शोभना भरतिया की ओर से विद्वान वरीय अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, रंजीत कुमार, सिद्धार्थ लुथरा, आर एन करंजावाला, संदीप कपूर, देवमल्य बनर्जी, विवेक सूरी, ए0एस0 अमन, वीर इन्दरपाल सिंह संधु , मनीष शर्मा, अविरल कपूर, करण सेठ, आई0 खालिद, माणिक करंजावाला, कार्तिक भटनागर, रेस्पोन्डेन्ट नं. 01 बिहार सरकार की ओर से विद्वान अधिवक्ता ई0सी0 विद्यासागर व मनीष कुमार और रेस्पोन्डेन्ट नं. 02 मन्टू शर्मा की ओर से विद्वान वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद. शकील अहमद, प्रत्युष प्रातीक, उत्कर्ष पांडेय और राज किशोर चौधरी ने भाग लिया।

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