धिक्कार है ‘हिंदुस्तान’ अखबार और इसके संपादक विश्वेश्वर कुमार पर!

बनारस से छप कर हिंदुस्तान अखबार गाजीपुर पहुंचता है. बनारस के संपादक हैं विश्वेश्वर कुमार. बेहद विवादित शख्सियत हैं. जहां रहें, वहीं इनके खिलाफ लोगों ने विद्रोह का बिगुल फूंका. भागलपुर में तो लोगों ने इनके खिलाफ लिखकर सड़कों को पोस्टरों बैनरों से पाट दिया था. ये समाचार छापने में राग-द्वेष का इस्तेमाल करते हैं. ये ‘तेरा आदमी मेरा आदमी’ के आधार पर आफिस का कामकाज देखते हैं. ताजी हरकत इनकी ये है कि इन्होंने अपने ही अखबार के रिपोर्टर को एक पूर्व मंत्री द्वारा धमकाए जाने की खबर को अखबार में नहीं छापा.

विश्वेश्वर कुमार ने क्राइम बीट इंचार्ज अभिषेक त्रिपाठी की ली बलि

वाराणसी : अब बनारस में दिखा मजीठिया बाबा का प्रकोप। मजीठिया वेज बोर्ड का जिन्न समाचारपत्र कर्मचारियों की बलि लगातार ले रहा है। केंद्र व राज्य सरकारों को अपने ठेंगे पर नचा रहे अखबार मालिकों के सम्मुख सुप्रीम कोर्ट से क्या राहत मिलेगी, यह तो कोई नहीं जानता। लेकिन यह राहत कब मिलेगी और तब तक लोकत्रंत का तथाकथित चौथा पाया किस कदर टूट चुका होगा, इसका अहसास होने लगा है।