हिंदुस्‍तान, अलीगढ़ में फाइनेंस अधिकारी ने महिला कर्मचारी से की छेड़छाड़, जांच की तैयारी

हिंदुस्‍तान, अलीगढ़ में एक महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के मामले को लेकर घमासान मचा हुआ है. अखबार के फाइनेंस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी की हरकत ने पूरे समूह को शर्मसार किया है. इसकी सूचना आगरा, मेरठ होते हुए दिल्‍ली तक पहुंच चुका है, लेकिन अभी तक आरोप अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. खबर आ रही है कि मामले की जांच के लिए टीम गठित किए जाने की तैयारी है.

हिन्दुस्तान टाइम्स गाजियाबाद संस्करण की दों खबरें : ऐसी खबरों को हम लोग प्लांटेशन कहते हैं

Sanjaya Kumar Singh : ये कैसी खबर… काफी समय से मेरा मानना रहा है कि अखबारों में (और चैनलों पर भी) कैसी खबरें की जाएं, कब की जाएं और क्यों की जाएं या न की जाएं इस संबंध में योजना बनाने और सोचने समझने का काम नहीं के बराबर होता है या बहुत कम होता है। मीडिया का उद्देश्य अब पैसे कमाने रह गया है और इसमें किसी को शक नहीं है। पर पैसे खर्च करने में कटौती का असर यह है ऐसी खबरें भी छप जाती हैं जिनका कोई मतलब नहीं होता है। इसी क्रम में दों खबरें पेश है।

पेंशन : एचटी वाले को 1400 रुपये, डीडीए के माली को 1800!

Vivek Shukla : अभिषेक भाई, पत्रकारों की हालत को बताने के लिए खराब से बढ़कर भी कोई शब्द हो तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ दिन पहले अपने हिन्दुस्तान टाइम्स के एक पुराने साथी मिले। बताने लगे कि उन्हें हर माह 1400 रुपये पेंशन मिलती हैं। उससे पहले मुझे डीडीए के दफ्तर में एक माली मिले,जो वहां पर अपने साथियों से मिलने आए थे, बातों-बातों में बताने लगे कि उन्हें 1800 हजार रुपये पेंशन मिलती हैं।

एचटी मैनेजमेंट के खिलाफ ऐतिहासिक जीत, हाईकोर्ट ने 272 एचटी कर्मचारियों को काम पर रखने का आदेश दिया

एक ऐतिहासिक फैसला आया है. हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ लड़ रहे 272 मीडियाकर्मियों को न्याय मिल गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इन 272 कर्मियों को फिर से काम पर रखने का आदेश हिंदुस्तान टाइम्स प्रबंधन को दिया है. कोर्ट के पूरे आदेश को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है: goo.gl/b2KE9i

दिल्ली यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स ने इस ऐतिहासिक जीत पर कर्मियों को बधाई दी है. डीयूजे की तरफ से जारी प्रेस रिलीज इस प्रकार है….

हिन्दुस्तान मीडिया का दूसरी तिमाही में 43.89 करोड़ रुपये का लाभ

हिन्दुस्तान मीडिया का सितंबर 2014 में समाप्त तिमाही के दौरान 43.89 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ हुआ है, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 24.56 प्रतिशत कम है। इससे पिछले साल की इसी तिमाही के दौरान कंपनी को 58.18 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ हुआ था। एचटी मीडिया ने बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में यह जानकारी दी। आलोच्य तिमाही में कंपनी की कुल आय 4.90 प्रतिशत बढ़कर 560.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 534.65 करोड़ रुपये थी।

अशोक पांडेय की हिंदुस्‍तान में वापसी की चर्चा, कई और बदलाव भी

दैनिक हिंदुस्‍तान से बड़ी खबर आ रही है. शशि शेखर अपने पुराने साथी अशोक पांडेय की हिंदुस्‍तान में वापसी की तैयारी कर रहे हैं. संभावना है कि उन्‍हें लखनऊ में स्‍थानीय संपादक बनाया जाएगा. केके उपाध्‍याय स्‍टेट एडिटर की भूमिका निभाते रहेंगे. अशोक पांडेय लंबे समय तक हिंदुस्‍तान को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वे हिंदुस्‍तान रांची, कानपुर समेत कई एडिशनों के संपादक रह चुके हैं. अशोक पांडेय की गिनती शशि शेखर के खास लोगों में की जाती है.

इतनी बड़ी खबर को क्यों पी गया दैनिक जागरण? इतनी बड़ी खबर को क्यों अंडरप्ले किया अमर उजाला और हिंदुस्तान ने?

: क्या बिका हुआ है भारतीय लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ? : चंदौली (यूपी) :11 अक्टूबर, 2001 को ऋचा सिंह नाम की एक वर्षीय बच्ची को बुख़ार की वजह से अलीनगर, मुग़लसराय के जे.जे. नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. यहाँ इलाज़ शुरू हुआ. बच्ची के पैर में ड्रिप लगाकर दवा चढ़ाई गई. कुछ ही देर में पैर में सूजन हो गया. तब डॉक्टर ने अपनी गलती को भांप बच्ची को बी.एच.यू. भेज दिया. बी.एच.यू. के डॉक्टरों ने परिवार वालों को बताया कि गलत दवा ड्रिप के माध्यम से चढ़ा दी गयी है. बच्ची की ज़िन्दगी बचाने के लिए पैर काटना ही एक मात्र विकल्प है. इसके बाद पिता बच्ची को ले कर इस उम्मीद के साथ मुंबई चले गए की शायद बच्ची का पैर बचाया जा सके.