बिहार में लग गया आपातकाल, मुजफ्फरपुर मामले की खबर छापने दिखाने पर रोक!

Ravish Kumar : आदेश आया है…. मत बोलना मत लिखना मत देखना… बालिका गृह की बच्चियों तुम्हें इंसाफ़ नहीं मिलेगा। हम यह बात जानते थे। जानते हैं। जानते रहेंगे। कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

टुकड़ों-टुकड़ों में लागू किया जा रहा है एक अघोषित आपातकाल

: रफ्ता-रफ्ता असहिष्णुता और आपातकाल : हैदराबाद में एकलव्यी प्रतिभा के धनी दलित छात्र रोहित वेमुला द्वारा जिन हालातों के चलते आत्महत्या को मजबूर होना पड़ा, वह समाज और व्यवस्था को कटघरे में खड़ा  करती हैं। आत्महत्या अकारण नहीं होती है। जब आत्महत्या की खुली वजह मौजूद हैं, फिर दोषियों को लेकर राजनीति करना कानून के राज और लोकतांत्रिक मूल्यों की खुली अवमानना है। रोहित के सुसाइड नोट की भाषा सत्ताथीशों की समझ में नहीं आ सकती, क्योंकि वे हर बात को घर्म और जाति के नजरिए से देखने के आदि हैं।