आप बताइए, क्या अरविंद केजरीवाल और उनके विधायक अपने इलाके में काम कर रहे हैं?

आप जमीनी हकीकत देखने जानने के बाद www.mpreportcard.com पर दिल्ली के MLA और MP को वोट दीजिए… फिलहाल सिर्फ दिल्ली के MP और MLA के लिए वोटिंग खुली है… अपने  MLA या MP को वोट करने के लिए होम पेज पर search and vote for MLA या Search and vote for MP  पर क्लिक करें… फिर फ्रंट पेज पर खुलने वाली विंडो में अपने MLA या MP को Name, Constituency, Party या State से ढूंढें। फिर अपने MLA या MP के नाम पर क्लिक करके सवालों पर पहुंचे। MLA या MP को उनके काम के आधार पर नंबर्स दें। अपना मोबाइल नंबर और उस पर आया वेरिफिकेशन कोड डालें और वोट का बटन दबाएं। 5 मई तक खुली है और नतीजे 10 मई को घोषित किए जाएंगे। फिलहाल सिर्फ दिल्ली के MP और MLA की रेटिंग की जा रही है। दूसरे राज्यों के लिए वोटिंग 10 मई से शुरु की जाएगी।

नेट न्यूट्रैलिटी : मामला वसूली का, इंटरनेट यूजर हैं तो इसका मतलब जरूर जान लीजिए

इंटरनेट पर की जाने वाली फ़ोन कॉल्स के लिए टेलीकॉम कंपनियां अलग कीमत तय करने की कोशिशें कर चुकी हैं. कंपनियां इसके लिए वेब सर्फिंग से ज़्यादा दर पर कीमतें वसूलना चाहती थीं. इसके बाद टेलीकॉम सेक्टर की नियामक एजेंसी ‘ट्राई’ ने आम लोगों से ‘नेट न्यूट्रैलिटी’ या ‘इंटरनेट तटस्थता’ पर राय मांगी है. देश भर में इस सवाल पर बहस छिड़ी हुई है. ऐसे में इससे संबंधित कुछ बातों को हर इंटरनेट यूजर को समझना चाहिए.

The problem is that if the ISP restricts or obstructs my access to sites which dont pay the ISP

Sushant Sareen : Can someone explain this whole ‎netneutrality‬ issue to me? from the cacophony on TV and web all I have been able to figure out is this: I currently pay a certain sum to use an X amount of data. Now I could browse news sites, porn sites, religious sites or whatever else but for ever site I access i expend some of the data I have bought. if however, say a newspaper or a TV channel pays my ISP a sum of money, then I could browse their site, download or whatever else without paying anything. Up to this point I dont see a problem. If all the big shots pay the ISP money so I can browse their sites for free, I would imagine thats good for me.

इंटरनेट कंज्यूमर की आजादी पर खतरा, अलग सर्विस के लिए कसेगा अलग पैक्स का शिकंजा

इंटरनेट पर सर्फिंग, स्पीड को और सर्विस के लिए अब अलग से पैकेज खरीदने को लेकर सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां हरकत में आ रही हैं। भारती एयरटेल और फ्लिपकार्ट की डेटा डील में एयरटेल के प्लेटफॉर्म, जिसका नाम एयरटेल जीरो है, पर फ्लिपकार्ट के एप्प को खास अहमियत मिलेगी। इस डील को कंज्यूमर विरोधी माना जा रहा है। यानी अब इंटरनेट पर आम आदमी की आजादी खतरे में है। इंटरनेट पर अलग-अलग सर्विसेस के लिए अलग-अलग पैक्स की शर्तों का पालन करना पड़ेगा। 

bhadash4media से वैकल्पिक मीडिया की ताकत मिली तो लांच कर दिया ऑनलाइन चैनल ‘newsnationonline’

”आदरणीय यशवंत जी, प्रभु कृपा और आपके आशीर्वाद से अपना वेब न्यूज़ चैनल ‘न्यूज़ नेशन ऑनलाइन’ के नाम से लांच कर दिया हैं। इस बारे आपसे फ़ोन पर भी बात हुई थी। bhadash4media ने ही हमे यह ताकत दी वरना मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुआ एक अदना पत्रकार यह कैसे साहस कर सकता था।

वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी न्यू जर्सी के अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में इंटरनेट की भाषा पर व्याख्यान देंगे

इन्दौर। वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी 3 से 5 अप्रैल 2015 को न्यू जर्सी में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में वक्ता के रूप में आमंत्रित किए गए है। वे हिन्दी इंटरनेट की भाषा विषय पर व्याख्यान और उपस्थित श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे। इस अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन का आयोजन न्यूू जर्सी की रटगर्स यूनिवर्सिटी में होगा। इस सम्मेलन में रटगर्स यूनिवर्सिटी, भारतीय दूतावास और हिन्दी संगम नामक संस्था मिलकर कर रही है।

नोएडा से संचालित हो रहे न्यूजलोक पोर्टल ने युवा पत्रकार मनोज जोशी के साथ ठीक नहीं किया… पढ़ें पूरी दास्तान

Sir, My name is Manoj Joshi, I spoke to you yesterday about how my boss sacked me within five days of hiring. I’ve shared my problem in the letter enclosed with this mail.  Suggest me how can I be paid my dues.

गूगल एडसेंस Google AdSense आ गया हिंदी ब्लॉगरों के लिए, करें घर बैठे कमाई

अगर आप हिन्दी ब्लॉगर है और अपने चिट्ठे (ब्लॉग) से कमाई करना चाहते हैं तो आपके लिए गूगल एडसेंस Google AdSense बहुत ही बढ़िया ख़ुशखबरी लाया है। दरअसल गूगल एडसेंस (Google AdSense)ने दिसम्बर 2014 से अपने विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए समर्थित भाषाओं (Supporting Languages) में हिन्दी (Hindi) भाषा को भी शामिल कर दिया है। यानि इसका मतलब अब ये हुआ कि आप अब अपने हिन्दी चिट्ठे से भी कमाई कर सकते हैं।

गूगल ट्रांसलेशन प्रतियोगिता के ये हैं 100 विजेता, हिंदी भाषा के लिए एडसेंस शुरू करेगा गूगल

Khushdeep Sehgal : गूगल ट्रांसलेशन प्रतियोगिता में Sangita Puri जी, GK Awadhia ji और भाई Vivek Rastogi समेत सभी 101 विजेताओं को एंड्रायड फोन जीतने के लिए बहुत बहुत बधाई… आज पूरा दिन गूगल के ऑफिस में रहने का सौभाग्य मिला… एक खुशख़बरी और कि हिंदी के लिए एडसेंस बहुत जल्दी (इसी महीने) शुरू हो जाएगा… ट्रांसलेशन के सारे विजेताओं की लिस्ट इस प्रकार है-

सूफी संत ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती और उनकी दरगाह पर हिन्दी का पहला वेब न्यूज पोर्टल तैयार हो रहा

पिछले एक दो साल से लगातार यह उधेड़बुन थी कि मीडिया के क्षेत्र में ही ऐसा कुछ किया जाना चाहिए जो नया हो। नए मीडिया न्यूज पोर्टल से थोड़ा आगे, थोड़ा हटकर और थोड़ा बहुआयामी भी। वेबसाइट, न्यूज पोर्टल, न्यूज सोर्स, रिसर्च कुलमिलाकर ऐसा ही कुछ। विषय की तलाश अपने शहर अजमेर में ही पूरी हो गई। सूफी संत ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती और उनकी दरगाह। कुछ और भी वजह रहीं। ना गांठ में पैसा था और ना ही कोई संसाधन। बस कर दी शुरूआत। इस सच्चाई को स्वीकारने में कतई संकोच नहीं है कि इसकी शुरूआती प्रेरणा भड़ास के भाई यशवंत से मिली। उन्होंने भड़ास पर कई मर्तबा पत्रकार साथियों को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि वे नए मीडिया में आगे आएं। उनकी इस सोच का ही परिणाम Media4Khwajagaribnawaz.com है।

दो मीडियाकर्मियों सुधीर सिंह उजाला और राजेंद्र सिंह जादौन ने अपनी-अपनी वेबसाइट शुरू की

पत्रकार सुधीर सिंह उजाला ने ‘न्यूज फास्ट इंडिया’ नाम से वेबसाइट शुरू की है. सुधीर गाजीपुर जिला के पहराजपुर के मूल निवासी हैं. टीडी कॅालेज, बलिया से उच्च शिक्षा ली. फिर दैनिक जागरण और अमर उजाला में काम किया.  ईटीवी में फोल्क जलवा कार्यक्रम से जुड़े रहे. मैजिक टीवी में प्रोडक्शन और मार्केटिंग का काम देखा. लाइफस्टाइल टीवी पटना के भी हिस्से रहे. अब इन्होंने NewsFastIndia.com नाम से न्यूज पोर्टल की शुरुआत की है.

पोर्न वेबसाइट बंद करना है तो दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स जैसी तथाकथित समाचार वेबसाइट को भी इसके दायरे में लाएं

Vineet Kumar : अगर सरकार सचमुच पोर्न वेबसाइट बंद करना चाहती है तो दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स जैसी तथाकथित समाचार वेबसाइट को भी इसके दायरे में लाए. लगभग सारे मीडिया संस्थानों की दूकानदारी इसी के बूते चलती है..त्वचा से जुड़ी समस्या से लेकर सौन्दर्य तक की अंडरटोन वही होती है जिससे सरकार के अनुसार हमारे संस्कार खत्म हो रहे हैं..पोर्न वेबसाइट को रेखांकित करने के साथ-साथ ऐसी वेबसाइट के भीतर की पोर्नोग्राफी एफेक्ट कंटेंट को बहस के दायरे में शामिल करना बेहद जरूरी है.

लुटेरी मोबाइल कंपनियों को सबक सिखाएं, 31 अक्टूबर को मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल न करें

सोशल मीडिया पर इन दिनों के शानदार काम किया जा रहा है. एक कंपेन चलाया जा रहा है मोबाइल कंपनियों की मनमानी के खिलाफ. डाटा पैक यानि मोबाइल इंटरनेट पैक के रेट बढ़ाने के खिलाफ 31 अक्टूबर के दिन मोबाइल पर इंटरनेट न यूज करने का आह्वान किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि अगर हम सब एक दिन भी मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं तो मोबाइल कंपनियों दो अरब रुपये से ज्यादा का नुकसान होगा.

एबीपी न्यूज का घटियापना… एक अच्छे कैंपेन की घटिया हेडिंग….

Abhishek Mehrotra : कब तक हम पत्रकार इस तरह की बिकाऊ हेडिंग लगा लगा कर एक अच्छे कैंपेन को चीप बनाने की कोशिश करते रहेंगे। एक तर्क ये भी है कि चीप हेडिंग की वजह से ये खबर पढ़ी जाएगी, पर आज मुझे याद आ रही है नरेंद्र पाल सिंह NP Sir की वो बात कि ‘मर्डर’ जैसी फिल्में भी लोकप्रिय होती है और ‘तारे जमीं पर’ भी। पर ‘तारें जमीं पर’ कभी-कभी बनती है और ‘मर्डर’ जैसी कई फिल्में बन जाती हैं। इसलिए कम से कम सकारात्मक खबरों को हमें ‘मर्डर’ स्टाइल में नहीं बल्कि ‘तारे जमीं पर’ के स्टाइल में पेश करना चाहिए। साथीगण चाहे तो इस खबर के लिए अच्छी हेडलाइन उपलब्ध करा सकते हैं…

प्रेस क्लब आफ इंडिया की वेबसाइट पाकिस्तानियों ने की हैक, साइबर सेल में मुकदमा दर्ज

पाकिस्तान से गरमा-गरमी के इस दौर में पाकिस्तानी हैकरों ने भारतीय मीडिया पर निशाना साधते हुए प्रेस क्लब आफ इंडिया की वेबसाइट को हैक कर लिया है. पाकिस्तानी हैकर्स ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की वेबसाइट को हैक करने के बाद इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर नकारात्मक और अश्लील कमेंट किया है. साथ ही हैकर्स ने साइट पर पाकिस्तान का झंडा लगा दिया है. यहां ‘फ्री कश्मीर’ के लिए संदेश भी लिखे हैं. हैकरों ने लिखा है कि उनका अगला निशाना भारत सरकार की वेबसाइट है.

लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल पर देख पायेंगे इंटरनेट के बिना टीवी चैनल

यात्रा के दौरान यदि आप टीवी देखना चाहें और आपका मोबाइल फोन इंटरनेट से नहीं जुड़ा है या कनेक्शन कैच नहीं कर पा रहा है, तो भी आप टीवी देख पायेंगे. दूरदर्शन इस नयी तकनीक का तेजी से परीक्षण कर रहा है. दूरदर्शन के अधिकारी एम एस दुहन का कहना है कि दूरदर्शन अपने ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी का प्रसारण मुफ्त मुहैया करायेगा. नयी योजना के तहत दूरदर्शन से प्रसारित किये जाने वाले कार्यक्रम अब आप न केवल टीवी पर, बल्कि मोबाइल फोन पर भी देख सकते हैं. फिलहाल ग्राहकों के पास टेलीविजन देखने के लिए डिश, केबल और एंटीना का विकल्प है. प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर सिरकार ने हाल ही में बताया है कि उपभोक्ताओं को टेलीविजन के लिए चौथा विकल्प भी मुहैया कराया जायेगा, जो डिजिटल एंटीना के रूप में होगा.