जगेंद्र को फूंकने में नेता, अपराधी, पुलिस और पत्रकार की साजिश

मृत्‍योपरान्‍त किसी व्‍यक्ति को वास्‍तविक पहचान दिलाते हुए शहीद के तौर पर सम्‍मानित करना और अपने पापों का सार्वजनिक क्षमा-याचना करते हुए पश्‍चाताप करना बड़ी बात माना जाती है। इतिहास तो ऐसे मामलों से भरा पड़ा हुआ है, जब सरकार या किसी समुदाय ने किसी को मार डाला, लेकिन बाद में उसके लिए माफी मांग ली। ठीक ऐसा ही मामला है शाहजहांपुर के जांबाज शहीद पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह और उसके प्रति मीडिया के नजरिये का। इसी मीडिया ने पहले तो उसे ब्‍लैकमेलर और अपराध के तौर पर पेश किया था। फेसबुक आदि सोशल साइट पर अपना पेज बना कर खबरों की दुनिया में हंगामा करने वाले जागेन्‍द्र सिंह को शाहजहांपुर से लेकर बरेली और लखनऊ-दिल्‍ली तक की मीडिया ने उसे पत्रकार मानने से ही इनकार कर लिया था। लेकिन जब इस मामले ने तूल पकड़ लिया, तो मीडिया ने जागेन्‍द्र सिह को पत्रकार के तौर पर सम्‍बोधन दे दिया।

सड़क पर उतरे गोंडा के पत्रकार, मौन जुलूस, कलेक्ट्रेट में धरना

गोंडा (उ.प्र.) : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्याकांड के विरोध में रविवार को यहां के पत्रकारों ने मौन जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में धरना दिया। पत्रकारों ने जगेंद्र को जलाकर मार डालने की साजिश रचने वाले राज्य सरकार के मंत्री राम मूर्ति वर्मा को मंत्रिपरिषद से तत्काल बर्खास्त करने, घटना की सीबीआइ से जांच, निलम्बित पुलिस कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने तथा मृतक पत्रकार के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। पत्रकारों ने तय किया कि पीड़ित परिवार को गोंडा से आर्थिक सहायता भी भेजी जाएगी। 

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में गोंडा में जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर जाते पत्रकार 

जगेंद्र की हत्या से हाथरस के पत्रकारों में रोष, मंत्री पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन

हाथरस : शहजहांपुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह की जलाकर हत्या किये जाने से स्थानीय मीडियाकर्मियों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रविवार को प्रेस क्लब सिकंदराराऊ द्वारा उपजिलाधिकारी एनपी पाण्डेय को प्रदेश के राज्यपाल के नाम सम्बोधित एक ज्ञापन सौंप कर कार्यवाही तथा पीड़ित परिवार को 25 लाख रूपये मुआवजा दिये जाने की मांग की गई। पत्रकारों ने काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया।

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में ज्ञापन देते हाथरस के पत्रकार

युवती की लाश से बरसे 40 लाख के नोट और फूंक डाला गया जगेन्‍द्र

बहुत दिलचस्‍प है शाहजहांपुर में नेता-पुलिस-अपराधी-पत्रकार गठजोड़। लाखों की रकम खुद डकार लेना चाहते थे चुनिन्‍दा नेता-पत्रकार। शाहजहांपुर में तीन पत्रकारों का एक गुट बन गया था। जागेन्‍द्र सिंह, अमित भदौरिया और राजू मिश्र। यह करीब चार साल पहले की बात है। इनमें सबसे ज्‍यादा तेज-तर्रार था जागेन्‍द्र। खुटार के मूलत: जागेन्‍द्र को पत्रकार की दुनिया में सबसे पहले अमर उजाला के प्रभारी अरूण पाराशरी ने प्रवेश कराया था। 

शाहजहाँपुर की डीएम ने कहा – जगेन्द्र के घर जाने से विवादित हो जाऊंगी

कल आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने पत्रकार जगेन्द्र सिंह के गाँव खुटार जा कर उनके परिवार वालों से मिल कर मौजूदा स्थिति, विवेचना और उनकी सुरक्षा के बारे में जानकारी ली. स्थितियों पर उन्होंने पूरी तरह असंतोष जाहिर करते हुए मुआवज़े और घटना की सीबीआई जांच की मांग की. 

जगेंद्र की मौत से सुलगते सवाल : दुनिया के हक की बात करने वालो अपने हक के लिये आवाज बुलंद कब करोगे?

प्रजातांत्रिक भारत का सिस्टम भी अजब—गजब है। देश की राजधानी दिल्ली की सरकार में एक मंत्री की डिग्री फेक होने के कारण उन्हें जेल में डाला गया है और पूछताछ जारी है तो दूसरी तरफ उत्तरप्रदेश की सरकार है,​जिसमें उसके एक मंत्री और के गुर्गों द्वारा एक पत्रकार को जिंदा जला दिया गया उसकी मौत हो गई आरोप साबित हैं सबकी आंखों के सामने फिर भी समाजवादी सरकार के नेता कहते हैं क्या ए​फआईआर दर्ज होने से कोई आरोपी साबित हो जाता है। 

हम शर्मिन्दा हैं लेकिन हमें शर्म नहीं आती

सुनते आये हैं जो आया है वो जाएगा भी। सभी को जाना है लेकिन किस तरह से ? क्षमा करेंगे, एक और चला गया, पहले भी कई गए हैं। एकता के नारे लगाये जा रहे हैं। हक़ और बदले की भी बातें हो रहीं। कोई कम तो कोई ज्यादा आक्रमक भी है, जमात के लोग अपने अपने अंदाज में अपने अपने झंडे भी बुलंद कर रहे हैं। परिणाम की सुधि किसे है, ये बड़ा प्रश्न हो सकता है।

पत्रकार जगेंद्र सिंह के हत्यारोपी इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच भी शुरू

लखनऊ : आईजी कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया कि शाहजहांपुर के पत्रकार हत्याकांड में इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। तफ्तीश में तेजी से जुटी पुलिस फिलहाल मंत्री राममूर्ति वर्मा से पूछताछ नहीं करेगी। जांच में अगर सुबूत और साक्ष्य मिले तभी पूछताछ होगी।

पत्रकार जगेन्द्र की हत्या की हो सीबीआई जांच-आइपीएफ

लखनऊ : शाहजंहापुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की जिंदा जलाकर हत्या कर दिए जाने पर आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अजेय नहीं है और उसे जनमत का सम्मान करना चाहिए। यह अफसोसनाक है कि पत्रकार की हत्या के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा को सरकार अपने मंत्रिमण्डल में बनाए हुए है और जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज है, उन्हें निलंम्बित तक नहीं किया गया है।

जगेंद्र सिंह की वक्त पर मदद न कर पाने के लिए मैं गुनहगार, लखनऊ के पत्रकार शर्मसार : के. विक्रम राव

मैं खुद को गुनेहगार मान रहा हूँ, क्योंकि मै “जगेन्द्र सिंह” की समय पर सहायता नहीं कर पाया। यह बात अलग है कि मैं लखनऊ के बाहर था, पर वह कोई उचित तर्क नहीं हो सकता। सात दिनों तक लखनऊ के अस्पताल में शाहजहाँपुर का एक खोजी पत्रकार जगेन्द्र सिंह ज़िन्दगी से जूझता रहा, उसके घर में घुस कर जलाने वाले आज़ाद हैं। सिर्फ इसलिए की एक राज्यमंत्री की दबंगई थी। जगेन्द्र सिंह घोटोलो का भंडाफोड़ करता रहा।

जगेंद्र हत्याकांड पर मेरठ के पत्रकार गुस्से में, काली पट्टी बांधकर सत्याग्रह

मेरठ : यहां के पत्रकारों में शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या से जबरदस्त गुस्सा है। पत्रकारों का सत्याग्रह शुरू हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार 12जून को पूर्वाह्न 11 बजे शहर के लगभग सभी प्रमुख पत्रकार और मीडियाकर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट में जुटे। 

जगेंद्र के लिए इंसाफ की लड़ाई जारी, शाहजहांपुर में कैंडल मार्च

शाहजहांपुर (उ.प्र.) : ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन शाहजहांपुर के आह्वान पर जगेन्‍द्र सिंह के परिजनों को न्‍याय, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, जगेन्‍द्र सिंह के बच्‍चों के लिये शासन से 50 लाख रूपये का मुआवजा, एक बेटे या बेटी को नौकरी दिलाने की मांग करते हुए पत्रकारों ने कैंडिल जुलूस निकाला। 

जांबाज पत्रकार जागेन्‍द्र को अपराधी के तौर पर पेश करने की कवायद

वो सफेद झूठ बोल रहे हैं, जो कह रहे हैं कि जागेन्‍द्र सिंह का धन्‍धा उगाही, वसूली और रंगदारी ही था। सच बात तो यह है कि शाहजहांपुर की ही पुलिस ने उसके ऊपर लगे एक मुकदमे में उसे पूरी तरह निर्दोष पाया था। लेकिन इस तथ्‍य के बावजूद चंद पुलिस और अपराधियों द्वारा पेट्रोल डाल कर सरेआम फूंक डाले गये शाहजहांपुर के जांबाज पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह को अब ब्‍लैकमेलर, उगाही करने वाला और रंगदारी वसूली करने वाले अपराधी के तौर पर पेश करने की कवायद चल रही है। मकसद यह कि किसी न किसी तरीके से इस मामले पर मंत्री राममूर्ति वर्मा की खाल बचा ली जाए। उधर पता चला है कि समाजवादी पार्टी ने अपने एक स्‍थानीय नेता और ददरौल से विधानसभा चुनाव लड़ चुके देवेन्‍द्र पाल को पार्टी से बर्खास्‍त कर दिया है।

शाहजहांपुर पहुंचे पत्रकार कुमार सौवीर, पढ़िए उनकी लाइव रिपोर्ट : अपराधी सत्ता, नपुंसक पुलिस, बेशर्म पत्रकार…

Kumar Sauvir : बेशर्मी की सारी सीमाएं तोड़ दी हैं शाहजहांपुर के पत्रकारों ने। जो पत्रकार था, उसे पत्रकार मानने से तैयार नहीं थी यह पत्रकार-बिरादरी और जो पत्रकार नहीं हैं, उन्‍हें जबरिया पत्रकार का तमगा देने पर आमादा थे यही लोग। पत्रकारिता के नाम पर कलंक बने इन्‍हीं हत्‍यारेनुमा पत्रकारों ने पुलिस, अफसर, नेता और मन्‍त्री की चौकड़ी तैयार कर ऐसा जाल बुन डाला, जिस शिकंजे में जागेन्‍द्र सिंह को जकड़ लिया गया और दिन-दहाड़े उसे पेट्रोल डाल कर जिन्‍दा फूंक दिया गया। इतना ही नहीं, जागेन्‍द्र सिंह की मौत के बाद अब इन्‍हीं पत्रकारों ने उसके नाम पर मर्सिया भी पढ़ना शुरू कर दिया है। हैरत की बात है कि जागेन्‍द्र सिंह की हत्‍या के बाद जिले के एक भी अधिकारी ने जागेन्‍द्र के घर जाने की जहमत नहीं फरमायी, लेकिन मूल कारणों को खोजना-विश्‍लेषण करने के बजाय अब इन्‍हीं पत्रकारों की टोलियां अब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक और यहां के नेताओं की ओर से प्रतिनिधिमण्‍डल बना कर जागेन्‍द्र सिंह के घर पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, यही पत्रकार अब इन अफसरों-नेताओं की ओर से आश्‍वासन तक दे रहे हैं कि जागेन्‍द्र की पत्‍नी को अनुग्रह दिलाया जाएगा, पीडि़त परिवार को मकान दिया जाएगा, उसे जमीन मुहैया करायी जाएगी और आश्रित लोगों को सरकारी नौकरी दिलायी जाएगी।

पत्रकारों को इंसाफ चाहिए, राज्यपाल से गुहार, ज्वॉइंट कमिश्नर को ज्ञापन

अलीगढ़ : पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड के विरोध में मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति ने अध्यक्ष सुबोध सुहृद के नेतृत्व में बुधवार को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन कमिश्नरी पर ज्वांइट कमिश्नर राजाराम को दिया। ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने मांग की कि प्रदेश में हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने के लिए एक संस्था का गठन किया जाना चाहिए और मृत पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवारीजनों को मुआवजा व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

जगेंद्र सिंह हत्याकांड के विरोध में ज्वॉइंट कमिश्नर को ज्ञापन देते अलीगढ़ के पत्रकार

जब मीडिया मालिकों ने यशवंत को जेल भिजवाया था, तभी मैंने आगाह कर दिया था….

Palash Biswas : शाहजहांपुर में सोशल मीडिया के पत्रकार को मंत्री के गुर्गों और पुलिसे के द्वारा उसके घर में जिन्दा जला कर मार देने की घटना रौंगटे खड़ा कर देने वाली हैl साथ ही यह उत्तर प्रदेश कि सरकार के साथ साथ प्रदेश के पत्रकारों के चरित्र को भी उजागर करती हैl साथियों, याद करें जब मजीठिया की लड़ाई में पत्रकारों की अगुवाई करने वाले भड़ास के यशवंत को मालिकों की रंजिश की वजह से जेलयात्रा करनी पड़ी, तो हमने सभी साथियों से आग्रह किया था कि हमें एकजुट होकर अपने साथियों पर होने वाले हमले के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। हम शुरू से पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर वैकल्पिक मीडिया के हक में लामबंदी की अपील करते रहे हैं। हम लामबंद होते तो हमारे साथी रोज-रोज मारे नहीं जाते।

जगेंद्र हत्याकांड पर कई राज्यों की पत्रकार यूनियनों में रोष, आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर

उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने शाहजहाँपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या के दोषियों की अविलंम्ब गिरफ़्तारी की मांग करते हुए मृतक के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता की मांग की है । यूनियन अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने एक बयान जारी कर इस मामले में दर्ज एफआईआर में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त  से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है । आईएफडब्लूजे के सेक्रेटरी (दक्षिण) क़ादरख़ान असदुल्लाह ने बताया कि तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र  प्रदेश एवं अन्य प्रदेशों में हुई शोक सभाओं में पत्रकारों ने घटना पर गुस्सा जताते हुए तुरंत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

जगेंद्र हत्याकांड से यूपी के पत्रकारों में रोष, सीबीआई जांच की मांग

गाजीपुर (उ.प्र.) : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड पर यहां विरोध प्रकट करते हुए पत्रकारों ने कचहरी कैम्प कार्यालय पर शोकसभा की। बैठक में पत्रकारों ने इसे चौथे स्तम्भ पर करारा आघात करार दिया। पत्रकारों ने राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा और कोतवाल श्रीप्रकाश राय के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की मांग के साथ ही घटना की जांच सीबीआई से कराने, परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने, नौकरी के साथ 50 लाख रूपये का मुआवजा एवं जगेंद्र के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिए जाने की मांग की है। 

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में प्रभारी जिलाधिकारी को ज्ञापन देते गाजीपुर के पत्रकार

हत्या की रिपोर्ट से तिलमिलाए मंत्री की पत्रकारों को धमकियां !

वाराणसी : शाहजहाँपुर के सोशल मीडिया पत्रकार जोगेन्द्र सिंह प्रकरण में सरकार की सच्चाई और मंत्री की मनमानी खुल कर सामने आ गई है। अब समाजवादी पार्टी के नेता पत्रकारों को गालियां देने लगे हैं और मंत्री धमकियां दिलवा रहा है। लखनऊ प्रेस क्लब में कल मीटिंग कर पत्रकारों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आगाह कर दिया है कि सरकार इस हरकत को नहीं रोकती तो कीमत चुकानी पड़ेगी। 

एक श्रद्धा पुष्प जगेंद्र के नाम

कुछ क्रूर भेड़िए सफेदपोश का लबादा ओढ़े समाज में छिपे बैठे हैं उन्हें चेतावनी ? तुम सुधर जाओ हमारी कलम कब तक तोड़ोगे एक जुगेन्द्र को जिंदा जला कर मार डाला चुनौती तुम्हारे गुनाहों पर पर्दा नहीं डाल सकेगा हम सभी खबरनबीसों को शूली पर चढ़ा दो तब भी कितनी मांओं की कोख से और …

जगेंद्र हत्याकांड : जांच में सबसे बड़ा रोड़ा सत्ता की खाल में छिपे दलाल पत्रकार

उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव की सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, कोतवाल श्रीप्रकाश राय और मंत्री के चार अन्य गुर्गों के खिलाफ पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिंदा जलाकर मारने के मामले में खुटार थाने में रिपोर्ट दर्ज तो दर्ज हो गई, अब देखिए इस मामले का अंत किस तरह होता है। चाहिए तो था कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही मंत्री को सरकार से बाहर कर दिया जाता, और उसके बाद जांच अमिताभ ठाकुर जैसे किसी ईमानदार आईपीएस से कराई जाती। लेकिन ऐसा कहां संभव है। मंत्री हत्यारोपी है, उस पर और भी कई मामले पहले से सुर्खियों में हैं। हकीकत है कि सब हाथीदांत जैसा चलता लग रहा है। जब सारे छंटे-छंटाए सियासत के टीलों पर सुस्ता रहे हैं, जिसकी नकाब हटाओ, वही अपराधियों के सरगना जैसा, तो फिर ऐसी जांच की संभावना कहां बचती है। 

 

जलाए गए पत्रकार जगेन्द्र सिंह की मौत के साक्ष्य देंगे अमिताभ ठाकुर

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने शाहजहाँपुर निवासी सोशल मीडिया पत्रकार जगेन्द्र सिंह की मौत के बाद दर्ज किये गए एफआईआर को देर से उठाया गया कदम बताया है और इस बात पर कष्ट व्यक्त किया है कि जगेन्द्र के जीते जी उनका मुक़दमा दर्ज नहीं हुआ.

पत्रकार जगेंद्र के पिता ने कहा- मंत्री और पुलिस ने मेरे बेटे को मार डाला, अब जांच क्राइम ब्रांच के हवाले

खुटार (शाहजहांपुर)। पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। उनके बुजुर्ग पिता सुमेर सिंह ने मंत्री राममूर्ति वर्मा और षडयंत्रकारी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल न भेजने पर सपरिवार डीएम कार्यालय पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि मंत्री और पुलिस ने मिलकर उनके बेटे को मार डाला है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी की है। 

दलाल पत्रकारों की साजिश में एक और पत्रकार की बलि

दलाल पत्रकारों की साजिस के चलते शाहजहांपुर में एक जांबाज पत्रकार जगेन्द्र भ्रष्ट मंत्री और भ्रष्ट पुलिस की साजिश का शिकार होकर दम तोड़ दिया  22 मई को सूबे के वरिष्ठ अधिकारियों को भेंजे पत्र में जता दी थी अपनी हत्या की आशंका। मंत्री के इशारे पर पुलिस ने रची जलाने की साजिश, अब इस पूरे मामले में सरकार मौन क्यों है?

भ्रष्टाचार की भेट चढ़े पत्रकार की मौत पर आईपीएस अमिताभ ने जांच की मांग उठाई

शाहजहाँपुर निवासी सोशल मीडिया पत्रकार जगेन्द्र सिंह, जो 01 जून 2015 को दिन में अपने आवास विकास कॉलोनी, सदर बाज़ार स्थित मकान में सदर कोतवाल श्रीप्रकाश राय द्वारा दी गयी दबिश के दौरान आग लगने से लगभग 60 फीसदी जल गए थे, की आज सिविल अस्पताल, लखनऊ में मौत हो गयी.

घटना से चिंतित जगेंद्र सिंह के परिजन

जागेंद्र प्रकरण : काली पट्टी बांधकर पत्रकारों का धरना-प्रदर्शन, कोतवाल लाइन हाजिर

शाहजहांपुर (उ.प्र.) : जागेंद्र सिंह आत्मदाह प्रकरण से क्षुब्ध पत्रकारों ने काली पट्टियां बांधकर ऑल प्रेस एवं राइटर्स एसोसिएशन के बैनर तले कलक्ट्रेट में प्रदर्शन और डीएम, एसपी से वार्ता न हो पाने पर दो घंटे तक धरना भी दिया। आखिरकार पत्रकारों के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल से विकास भवन के फर्स्ट फ्लोर पर वार्ता करते हुए जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने ज्ञापन लेने के साथ ही आश्वासन दिया कि जगेंद्र का बेहतर इलाज कराया जाएगा और जांच पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। इस बीच एसपी बबलू कुमार ने इसी मामले में कोतवाल श्रीप्रकाश राय को लाइन हाजिर कर दिया है।