आज के ही दिन चार साल पहले अपुन हवालात फिर जेल गए थे : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : आज ‘जेल दिवस’ है. आज के ही दिन चार साल पहले अपुन हवालात फिर जेल गए थे. मुझे आज इस दिवस पर बधाई दे सकते हैं. इस मौके पर एक संस्मरण अभी लिखा हूं जिसका लिंक दे रहा हूं. जो लोग ‘जानेमन जेल’ पढ चुके हैं, उनसे जरूर चाहूंगा कि वो दो शब्द कहें. जो नहीं पढ़े हैं उन्हें कहूंगा कि एक बार पढ़ो तो, पढ़ कर जेल जाने का मन न करे तो पैसे वापस 🙂

लिंक ये है : यशवंत के लिए आज है ‘जेल दिवस’, जानिए ‘जानेमन जेल’ के आगे पीछे की अनकही कहानी

आज है ‘जेल दिवस’, जानिए ‘जानेमन जेल’ के आगे पीछे की अनकही कहानी

आज ‘जेल दिवस’ है. आज के ही दिन वर्ष 2012 में कुछ कारपोरेट और करप्ट संपादकों-मीडिया मालिकों ने मिलकर मुझे पुलिस के जरिए उठवाया, थाने के हवालात में बंद कराया फिर जेल भिजवा दिया. पूरे 68 दिन गाजियाबाद के डासना जेल में रहा. उन दिनों नोएडा यानि गौतमबुद्धनगर का जेल भी डासना ही हुआ करता था. अब नोएडा का अपना खुद का जेल हो गया है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि काफी आधुनिक किस्म का है, हालांकि यहां अभी जाना नहीं हो सका है. तो बता रहा था कि आज मेरे लिए जेल दिवस है.