भड़ास संपादक यशवंत की जेल कथा ‘जानेमन जेल’ पढ़ने-पाने के लिए कुछ आसान रास्ते

भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह के जेल-गमन की खुद यशवंत द्वारा लिखी गई कथा ‘जानेमन जेल’ ऑनलाइन स्टोरों से सीधे ऑर्डर करके घर बैठे प्राप्त की जा सकती है… नीचे दिए गए किसी आनलाइन स्टोर पर क्लिक करें और किताब बुक कर लें…

तहलका डाट काम के पत्रकार मैथ्यू सैमुअल जेल भेजे गए

दिल्ली की एक अदालत ने समाचार पोर्टल तहलका डॉटकॉम के पत्रकार मैथ्यू सैमुअल की जमानत रद्द कर उन्हें जेल भेज दिया. मैथ्यू पर सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन कर दस्तावेज जुटाने और उन्हें पोर्टल पर जारी करने के आरोप में केस चल रहा है.  सीबीआई कोर्ट के जज जेपीएस मलिक ने मैथ्यू को 21 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि वह जानबूझकर मुकदमे में देरी कर रहे हैं, इसलिए उनकी जमानत अवधि बढ़ाने की जरूरत नहीं है.

सुरेंद्र कोली को फांसी पर चढ़ाए जाने की जल्दी वाजिब नहीं

निठारी कांड हमारे समाज का एक बहुआयामीय संकट है। अगर वह मात्रा सुरेंद्र कोली नाम के एक आदमी का अपराध है तो सवाल है कोई आदमी क्यों कर इस हद तक गिर सकता है कि आदमी ही को मारकर खाने लगे। ऐसे उदाहरण तो हैं कि आदमी ने आदमी को खाया, पर ये उदाहरण सामान्यतः भूख से जुड़े हैं। इस संदर्भ में भी जो किस्सा सबसे ज्यादा चर्चित है वह है लातिन अमेरिकी देश उरुगुए की एयर फोर्स की फ्लाट नंबर 571 का एंडीज पर्वत श्रृंखला में 13 अक्टूबर 1972 को दुर्घटनाग्रस्त होना। इसमें कुल 45 यात्री सवार थे। इन में से आधे से ज्यादा तत्काल मारे गए तथा कई और बाद में ठंड आदि से मर गए। पर 72 दिन बाद भी 16 यात्री बचा लिए गए। यह मिरेकल आफ एंडीज यानी एंडीज का चमत्कार कहलाता है। सवाल उठा कि लगभग 11 हजार फिट की ऊंचाई पर जहां खाने को घास तक नहीं थी ये कैसे बचे। जांच करने पर पता चला कि इन बचे लोगों ने अपने मरे हुए साथियों को खाकर अपना जीवन बचाया था। 

बेल न मिली तो दीपक चौरसिया जा सकते हैं जेल (देखें कोर्ट आदेश)

लगता है आसाराम के खिलाफ पीछे पड़े रहने का ‘पाप’ दीपक चौरसिया को लगने लगा है. ऐसा आसाराम के भक्त सोशल मीडिया पर कह रहे हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दीपक चौरसिया को गिरफ्तारी से मिले स्टे को खत्म कर दिया है और उनकी प्रार्थना को निरस्त कर दिया है. दीपक चौरसिया को महीने भर के भीतर कोर्ट जाकर बेल के लिए अप्लाई करना होगा और अगर कोर्ट ने बेल नहीं दी तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है.

बिहार में आरटीआई कार्यकर्ता पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाकर जेल भिजवाया

समस्तीपुर (बिहार) : पंचायत में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की जानकारी आरटीआई के तहत मांगे जाने से बौखलाये मुखिया ने वांछित जानकारी तो नहीं उपलब्ध कराई उल्टे आवेदक के खिलाफ रंगदारी की प्राथमिकी दर्ज कराकर उसे जेल जरूर भेज दिया. मामला समस्तीपुर जिला के हसनपुर प्रखंड का है.  फुलहारा पंचायत की मुखिया द्वारा हसनपुर थाना में रंगदारी मांगे जाने से संबंधित दर्ज कांड सं.-118/14 पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता ओमशंकर पोद्दार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

आसाराम मामले में हाई कोर्ट ने दीपक चौरसिया की ज़मानत अर्जी खारिज की

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एक आपराधिक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंडिया न्यूज टीवी चैनल के एडिटर-इन-चीफ दीपक चौरसिया की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है। चौरसिया व अन्य पर आसाराम बापू के विषय में आपत्तिजनक कार्यक्रम प्रसारित करने का आरोप है।

सुब्रत रॉय को हमले का डर, सुरक्षित जेल में शिफ्ट किए गए

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय इन दिनों काफी डरे हुए हैं। उन्होंने जेल प्रशासन से कहा है कि उन्हें डर है कि कहीं कोई उन पर जानलेवा हमला न कर दे। उनके इसी डर को देखते हुए उन्हें जेल नंबर-3 से जेल नंबर-1 में शिफ्ट किया गया है। वहां उनकी सुरक्षा का रिव्यू करके सिक्युरिटी दी गई है।

‘जानेमन जेल’ किताब गाजीपुर जिले में भी उपलब्ध, लंका पर शराब की दुकान के बगल में पधारें

Santosh Singh : जेल भी जानेमन हो सकती है, अगर वो शख्स यशवंत भाई जैसा दिलेर हो… “जानेमन जेल” की एक प्रति खुद लेखक के हाथ से प्राप्त करते हुए… यशवंत भाई की यह अद्भुत किताब मैंने तो पूरी पढ़ ली…और इतनी अच्छी लगी कि एक बैठक में ही पढ़ ली…. एक बात और कहूँगा …”वो जवानी..जवानी नही, जिसकी कोई कहानी न हो”… और यशवंत भाई की यह कहानी रोमांचित करती है!

बीएचयू से एमबीए कर चुके और भारतीय रेल, कानपुर में कार्यरत संतोष सिंह के फेसबुक वॉल से.