मृत्यु को महोत्सव बनाने का विलक्षण उपक्रम है संथारा

जैन धर्म में संथारा अर्थात संलेखना- ’संन्यास मरण’ या ’वीर मरण’ कहलाता है। यह आत्महत्या नहीं है और यह किसी प्रकार का अपराध भी नहीं है बल्कि यह आत्मशुद्धि का एक धार्मिक कृत्य एवं आत्म समाधि की मिसाल है और मृत्यु को महोत्सव बनाने का अद्भुत एवं विलक्षण उपक्रम है। तेरापंथ धर्मसंघ के वरिष्ठ सन्त …

जैन धर्म ने कक्षा 8 में पढ़ने वाली हैदराबाद के ज्वैलर्स की 13 वर्षीय बेटी आराधना की हत्या कर दी!

Balendu Swami : अहिंसा का धर्म कहे जाने वाले जैन धर्म ने कक्षा 8 में पढ़ने वाली हैदराबाद के ज्वैलर्स की 13 वर्षीय बेटी आराधना की हत्या कर दी! आराधना को 68 दिन तक उपवास करने पर “बाल तपस्विनी” की उपाधि दी गई, उसकी अंतिम यात्रा को शोभा यात्रा कहा गया और 600 लोग उसके अंतिम संस्कार के जलसे में शामिल हुए! इस मासूम बच्ची से घरवालों ने स्कूल छुड़वा कर तपस्या करवाई! भक्तों ने उसके साथ सेल्फियाँ लीं, मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने उसके साथ फोटो खिंचवाई और हर तरह से उसका महिमामंडन कर उसे गिफ्ट दिए!