जनसंदेश टाइम्‍स प्रकरण : श्रम मंत्रालय ने राज्‍य सरकार से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

जनसंदेश टाइम्‍स प्रबंधन पर सरकार का शिकंजा लगातार कसता चला जा रहा है। मानवाधिकार आयोग में कर्मचारियों के उत्‍पीड़न का मामला दर्ज होने और उसके बाद भविष्‍य निधि कार्यालय की टीम द्वारा छापेमारी की कार्रवाई के बाद अब केन्‍द्रीय श्रम मंत्रालय ने जनसंदेश टाइम्‍स कर्मियों के उत्‍पीड़न मामले को लेकर राज्‍य सरकार को कार्रवाई का निर्देश देते हुए रिपोर्ट तलब की है। बनारस में जनसंदेश टाइम्‍स के कर्मचारियों को कई माह से वेतन नहीं देने और मनमाने तरीके से निकाले जाने को लेकर मिली शिकायत को संज्ञान में लेते हुए केन्‍द्रीय श्रम मंत्रालय ने उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍य सचिव, श्रम रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग श्री शैलेश कृष्‍णा को लिखे पत्र संख्‍या- वी- 24032/1/2014 में जनसंदेश टाइम्‍स बनारस के कर्मियों को कई माह से वेतन नहीं दिये जाने, वेज बोर्ड के नियमों के विपरीत मनमाने तरीके से वेतन का निर्धारण और मनमाने तरीके से कर्मचारियों को निकाले जाने के मामले में कार्रवाई करने के साथ ही कृत कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

जनसंदेश टाइम्स लखनऊ में छंटनी, बचे लोगों की सेलरी घटी, जीएम बोले- ”जाकर कहीं भीख मांग लो पर सेलरी मत मांगो”

जनसंदेश टाइम्स लखनऊ से 10 लोगों की छंटनी की गई है. ये सभी संपादकीय विभाग के हैं. जो लोग बच गए हैं उनकी सेलरी में 40 प्रतिशत की कमी कर दी गई है. ये सब कुछ अखबार के जीएम विनीत मौर्या के आदेश पर किया गया है. इसी अखबार से खबर है कि कुछ दिनों पहले डाक डेस्क पर कार्यरत उपेन्द्र राय ने जब जीएम विनीत मौर्या से अपने वेतन की बात की थी तो उस समय जीएम ने उन्हें ये कहते हुए अपने केबिन से निकाल दिया था कि ”जाओ कहीं सड़क पर जाकर भीख मांगो लेकिन मुझसे सेलरी मत मांगो”.