हरियाणा के रिटायर्ड डेस्‍क जर्नलिस्‍टों की मांग- ‘हरियाणा सरकार हमें भी दे पेंशन!’

-भूपेंद्र प्रतिबद्ध-

वह पीड़ा पीछा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही जो उस दिन एक रिटायर्ड पत्रकार साथी ने एक समारोह में अपने संबोधन के दौरान व्‍यक्‍त किए थे। उनका कहना था कि जिन्‍दगी का ताकत और ताजगी वाला वक्‍त तो कठोर श्रम से जीविका कमाने, अखबार को नई-नई, अलग तरह की, सबके पक्ष की, सबकी रुचियों की स्‍टोरियों से सजाने-संवारने में गुजार दिए। तब इलहाम ही नहीं था कि एक वक्‍त वह भी आएगा जब रिटारमेंट हो जाएगी। संगी सहकर्मी फेयरवेल पार्टी दे देंगे और मैनेजमेंट हिसाब-किताब करके अपने रजिस्‍टर से मेरा नाम उड़ा देगा। ि‍फर सताएगी शेष जीवन की गाड़ी को चलाने की चिंता। जीना कब तक है यह कोई नहीं जानता, लेकिन सांस चलाने-चलते रहने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है जो भोजन से मिलती है। इस भोजन का प्रबंध करने के लिए ही पेंशन की दरकार होती है, जो पत्रकारों को आम तौर पर उपलब्‍ध नहीं होती। जिन थोड़े लोगों को उपलब्‍ध होती भी है तो वह ऊंट के मुंह में जीरे से भी कम होती है।

बीस साल पत्रकारिता कर चुके हरियाणा के पत्रकारों को सीएम खट्टर देंगे दस हजार रुपये मासिक पेंशन!

पंचकूला : सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पत्रकार सम्मेलन के दौरान पत्रकारों के लिए अनेक घोषणाएं की। घोषणाओं में 20 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले मीडियाकर्मियों को 10 हजार रुपए मासिक पेंशन, सांझा आधार पर 10 लाख रुपए और 20 लाख रुपए का जीवन बीमा, 5 लाख रुपए तक की एक नई कैशलेस मैडिक्लेम योजना और उपमंडल स्तर पर इलैक्ट्रोनिक मीडिया के प्रतिनिधियों को मान्यता देने की सुविधा मुहैया करवाना शामिल है।