कोबरा पोस्ट का ‘ऑपरेशन व्हाईट कोट’ : इलाज के दौरान मरीज भले मर जाए, रेफर करने वाले का कमीशन नहीं मरेगा!

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज अपनी जिंदगी बचाने के लिए बड़े और नामी अस्पतालों का रुख करते हैं या फिर कहे उन्हे छोटे अस्पताल से बड़े सेंटर के लिए रेफर कर दिया जाता है। लेकिन इन बड़े अस्पतालों में मरीजों को सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाने का जरिया समझा जाता है। रेफर करने वाले छोटे अस्पतालों और डाक्टरों को कमीशन देकर ये बड़े अस्पताल मरीजों को अपने यहां रेफर कराते हैं और फिर इलाज, सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट के नाम पर उनसे भारी-भरकम कमाई करते हैं।

अनिरुद्ध बहल के न्योते पर आगे से कोई क्यों करे भरोसा

: बड़ी खबर के नाम पर बुलाया और लांच किया अपनी हास्य व्यंग्य किताब : मार्केटिंग के लिए कोबरा पोस्ट ने बोला इतना बड़ा झूठ : कोबरा पोस्ट ने नेताओं, आतंकवादियों और खुफिया एजेंसियों से जुड़ा सबसे बड़ा खुलासा किए जाने का जो दावा किया था, दरअसल वह उसका मार्केटिंग स्टंट था। कोबरा पोस्ट ने देश की सुरक्षा को लेकर बेहद असंवेदनशील हरकत इसलिए की ताकि उसके संपादक अनिरूद्ध बहल द्वारा जारी हास्य पुस्तक की पब्लिसिटी हो सके। इस छलावे का खुलासा कई जाने-माने पत्रकारों से खचाखच कमरे में खुद बहल ने ही किया। इन पत्रकारों को यह कहकर बुलाया गया था कि मंगलवार को देश की सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया जाएगा।