फेसबुक अपनी तरफ से कर रहा मेरा प्रचार, मैंने एक पैसा खर्च नहीं किया : बरखा दत्त

बरखा दत्त के स्पांसर्ड फेसबुकी पेज के बारे में भड़ास4मीडिया पर छपी खबर को लेकर ट्विटर पर बरखा दत्त ने अपना बयान ट्वीट के माध्यम से जारी किया. उन्होंने लोगों के सवाल उठाने पर अलग-अलग ट्वीट्स के जरिए जवाब देकर बताया कि उनकी बिना जानकारी के फेसबुक उनके पेज को अपने तरीके से प्रमोट कर रहा है. उन्होंने बताया कि फेसबुक की तरफ से उनके पास फोन आया था जिसमें ट्विटर की तरह एफबी पर भी सक्रिय होने के लिए अनुरोध किया गया. तब मैंने उन्हें कहा कि कोशिश करूंगी. ऐसे में एक भी पैसा देने का सवाल ही नहीं उठता. बिलकुल निराधार खबर भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित हुई है. 

 

बरखा दत्ता का कहना है कि उन्हें बताया गया कि फेसबुक कई पब्लिक पर्सनाल्टीज जिनमें पत्रकारों भी शामिल हैं, को अपनी तरफ से प्रमोट करता है, जैसे राहुल कंवल, शेखर गुप्ता, फिल्म स्टार्स शाहरुख खान, आमिर खान आदि. बरखा दत्त ने अपने फेसबुक पेज पर उनके नाम के नीचे स्पांसर्ड लिखे होने को लेकर उठाए गए सवाल पर भी जवाब दिया. इस संबंध में बरखा दत्त के जितने भी ट्वीट्स हैं, नीचे दिए जा रहे हैं.

barkha dutt ‏@BDUTT

rubbish. I have not paid anyone a single paisa. what are you talking about?

xxx

FB team asked me to be active on FB like on Twitter & I said sure, would try. No question of Money. Rubbish story.

xxx

It’s Facebook’s call  to underline our presence on its medium. I am owed an apology NOW.

xxx

FB promoting our presence – many of us who are journalists. Check it out.

xxx

It is appplicable to ALL public personalities being promoted by them including many journalists. These include, I am told many journos- rahul, Shekhar, me, film stars, SRK, Aamir.

xxx

just asked facebook why it says sponsored. They say Facebook is promoting public personalities.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

पैसे वाली पत्रकार हैं बरखा दत्त, फेसबुक लाइक तक खरीद लेती हैं!

Yashwant Singh : बरखा दत्त इन दिनों फेसबुक पर खूब सक्रिय हो गई हैं. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर इस बाबत लिखा भी है. साथ ही कई कहानियां किस्से विचार शेयर करना शुरू कर दिया है. बरखा समेत ज्यादातर अंग्रेजी पत्रकारों की प्रिय जगह ट्विटर है. लेकिन सेलेब्रिटी या बड़ा आदमी होने का जो नशा होता है, वह फेसबुक पर भी ले आता है, यह जताने दिखाने बताने के लिए यहां भी मेरे कम प्रशंसक, फैन, फालोअर, लाइकर नहीं हैं. सो, इसी क्रम में अब ताजा ताजा बरखा दत्त फेसबुक पर अवतरित हुई हैं और अपने पेज पर लाइक बढ़ाने के लिए फेसबुक को बाकायदा पैसा दिया है. यही कारण है कि आजकल फेसबुक यूज करने वाले भारतीयों को बरखा दत्त का पेज बिना लाइक किए दिख रहा है. पेज पर Barkha Dutt नाम के ठीक नीचे Sponsored लिखा है.

इस Sponsored लिखे होने का मतलब हमको आपको सबको पता है. फेसबुक को पैसा देकर उसके जरिए जबरन पेज लाइक कराया जाना. सो, लगभग एक लाख लाइक के करीब पहुंचने वाला है बरखा का पेज. 84 हजार से ज्यादा लाइक तो उपरोक्त स्क्रीनशाट में दिख रहा है. अब जब आप ये पढ़ रहे होंगे, हो सकता है लाइक का आंकड़ा काफी आगे निकल गया होगा. अब ये नहीं पता मुझे कि उन्होंने पांच लाख लाइक खरीदने के लिए फेसबुक को पैसा दिया है या सिर्फ दो चार लाख. जो भी हो. हम हिंदी वाले तो इतने पैसे में कई दिन सुकून से खा पी सकते थे, घूमघाम सकते थे, घर परिवार को घुमा सकते थे. छुट्टी लेकर अपने ओरीजनल घर-गांव-देहात जा सकते थे क्योंकि हम हिंदी वाले थोड़ा कम कमाते हैं, इसलिए थोड़ा कम खर्च कर पाते हैं. कम ही हिंदी वाले होंगे जो फेसबुक पेज पर लाइक खरीदते होंगे, हां- दलालों, मालिकों, लायजनरों आदि इत्यादि की आधुनिक कैटगरी को छोड़कर.

फेसबुक पर कुछ रोज पहले अपनी सक्रियता बढ़ाने के दौरान बरखा की लिखी गई वो शुरुआती पोस्ट जिसे फेसबुक को पैसा देकर Sponsored करवाने के बाद लाइक हासिल करने हेतु एफबी के जन-जन तक घुमवाया, ये है: ”प्रभा दत्त (बरखा दत्त की मां) के युद्ध मोर्चे पर रिपोर्टिंग हेतु जाने के अनुरोध को एचटी प्रबंधन ने ठुकरा दिया था”

फिलहाल अभी तक मैंने बरखा दत्त का फेसबुक पेज लाइक नहीं किया है जबकि पिछले कई रोज से फेसबुक बार बार मेरे आगे इस प्रायोजित विज्ञापन को मौलिक तरीके से पेश कर लाइक करने के लिए लपलपाते हुए ललचा रहा है. अगर ये पेज स्पांसर्ड न होता तो शायद मैं लाइक कर लेता, लेकिन खरीदे हुए या बिके हुए, जो कह लीजिए, पेज को लाइक देने का मतलब होता है कि आप फेसबुक की दुकान को पैसा देकर भारतीय मुद्रा को विदेश तो भेज ही रहे हैं, फर्जी तरीके से खुद को नामवर बताने जताने दिखाने के ट्रेंड को भी बढ़ावा दे रहे हैं.

वैसे बहुत सारे हिंदी पट्टी वाले कह सकते हैं कि पैसा बरखा दत्त ने इमानदारी से कमाया है, उसे चाहे वो लाइक खरीदने में खर्च करें या घर में रखकर माचिस मारकर जला दें, आपको जलन कुढ़न खुजन क्यों है? तो भइया, मेरा जवाब भी सुनते जाइए. बरखा दत्त अगर कोई कंपनी होतीं, किसी कंपनी की मालिकन होतीं, कोई कारपोरेट होतीं, कोई पीआर एजेंसी होतीं, कोई प्रोडक्ट होतीं तो उनके प्रचार प्रसार पर मुझे कोई आपत्ति न होती. फेसबुक पर साड़ियों से लेकर योगासन तक के खूब स्पांसर्ड पेज टहलते रहते हैं और हम आप सब जाने-अनजाने उसे लाइक मारकर फेसबुक वाले से लेकर उसके क्लाइंट तक को खुश किया करते हैं.

पर जब कोई पत्रकार ऐसा करता है तो उससे यह अपेक्षा नहीं की जाती. कल को कोई जज साहब लाइक खरीदने लगें तो फिर हो गया काम. जिन चार स्तंभों की हम बात करते हैं, उसमें से प्रत्येक की गरिमा होती है. विशेषकर मीडिया तो ज्यादा जिम्मेदारी वाला या यूं कहिए ज्यादा जनता के करीब खंभा होता है. पर अगर इसी खंभे के लोग कारपोरेट सरीखा व्यवहार करने लगे तो रिलायंस के कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव और हमारे पत्रकारों के बीच फर्क क्या बचेगा. अंतत: जब दोनों का मकसद अपना हित साधन है, अपने कंपनियों का हित साधन है, तो काहे को एक खुद को चौथा खंभा माने और दूसरा देश का कारपोरेट घराना. सोचिए सोचिए. वइसे, पइसा प्रधान इस दौर में सोचने विचारने लिखने का काम भी आजकल पैसे ले देकर ही होते हैं, ऐसे में अगर आप नहीं सोचते हैं तो हम बुरा बिलकुल नहीं मानेंगे. 🙂   

भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से. संपर्क: yashwant@bhadas4media.com


उपरोक्त पोस्ट पर बरखा दत्त ने अपनी तरफ से ट्वीटर पर सफाई दी / जवाब दिया. इस प्रकरण से संबंधित उनके सारे ट्वीट और उनकी सफाई का भड़ास4मीडिया पर प्रमुखता से प्रकाशन किया गया है जिसे आप नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं:

फेसबुक अपनी तरफ से कर रहा मेरा प्रचार, मैंने एक पैसा खर्च नहीं किया : बरखा दत्त

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: