संगम तीरे न होने का दुख

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह उन दिनों आई-नेक्स्ट अखबार के कानपुर एडिशन के लांचिंग एडिटर हुआ करते थे. 18 जनवरी 2007 को प्रकाशित यह लेख आई-नेक्स्ट में ही एडिट पेज पर छपा था. पेश है वही आलेख, हू-ब-हू…

जयपुर में मीडिया महाकुंभ शुरू, पहले दिन गूंजी तीसरे प्रेस आयोग के गठन की मांग

जयपुर : राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में गुरुवार को मीडिया शिक्षकों का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो गया। इसमें बीस राज्यों के ढाई सौ से अधिक मीडिया गुरू समाज में सकारात्मक बदलाव और इसमें मीडिया की भूमिका पर विचार विमर्श करने के लिए जमा हुए हैं। सम्मेलन का उदघाटन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति प्रो. बी के कुठियाला ने किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ नहीं, वरन प्रमुख स्तंभ है। प्रो. कुठियाला ने तीसरे प्रेस आयोग के गठन की मांग की। ब्रॉडकास्टर्स एडिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव एन.के. सिंह ने मीडिया के कामकाज में सरकारी दखल को गैर जरूरी करार दिया।

मंचासीन प्रो. सच्चिदानंद जोशी, एनबीटी चेयरमैन बल्देव भाई शर्मा, वीसी प्रो. बीके कुठियाला, वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह, उमेश उपाध्याय, संजीव भानावत आदि