मजीठिया वेतनमान पाने के लिए संगठन के माध्यम से करें क्लेम

मजीठिया वेतनमान पाने के लिए सबसे पहले आपको श्रम विभाग में आवेदन करना पड़ेगा। इसके लिए सीए रिपोर्ट तो और अच्छी बात है नहीं तो खुद ही अपना शेष बकाया निकाल कर श्रम विभाग में निवेदन कर सकते हैं। हालांकि 17 (1) के तहत आवेदक को कही-कही श्रम विभाग निर्धारित प्रारूप में आवेदन मांगता है। कोशिश करें कि यहां प्रकरण का निराकरण हो जाए, कोर्ट ना जाए। कोर्ट प्रकरण तब जाता है जब किसी बात ऐसा विवाद हो जाता है जिससे क्लेम की विश्वसनियता या कर्मचारी ना होने या किसी अनसुलझे मुद्दे पर विवाद हो जाता है।

जब प्रेस मालिक अपने हित के लिए एक हो सकते हैं तो हम पत्रकार क्यों नहीं एकजुट हो सकते

: मजीठिया वेतनमान संघर्ष – मालिकों ने कुछ शिष्य पत्रकारों को दूसरे पत्रकारों का खून चूसने के लिए छोड़ रखा है : फूट डालो और शासन करो की नीति सुनकर सामान्यतः अंग्रेजों की याद आती है लेकिन यही परंपरा पत्रकारिता में भी है। दरअसल मजीठिया वेतनमान न देने के लिए प्रेस मालिक इस तरह जाल बिछाकर रखे हैं कि कुछ विश्वासपात्र लोगों को अच्छा वेतन और पद देकर कुछ पत्रकारों को अपने साथियों का ही खून चूसने के लिए छोड़ देते हैं। हालांकि फूट डालो और शासन करो नीति में चम्मचों व चंपादकों का भी शोषण होता है लेकिन वर्षों से बंद आंखे धीरे-धीरे खुलती है।