जब मुख्य न्यायाधीश अपना ही आदेश नहीं मनवा सकता तो फिर इस न्याय पालिका पर कौन विश्वास करेगा!

मजीठिया वेज बोर्ड 11 साल से लागू न करा पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी जिम्मेदार… मजीठिया वेज बोर्ड के लिए संघर्ष कर रहे साथियों से यह कहना चाहता हूं कि प्रिंट मीडिया में जो मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशें लागू नहीं हो पा रही हैं, मांगने वालों को बर्खास्त किया जा रहा है, ट्रांसफर …

मीडिया मालिकों के ‘भक्त’ पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ आम मीडियाकर्मियों ने शुरू की मुहिम

मजीठिया वेज बोर्ड न मिलने से नाराज मीडियाकर्मियों ने पीएम मोदी के खिलाफ राहुल गांधी को पत्र भेजा… पीएम नरेंद्र मोदी अपने मूल स्वभाव में एलीट समर्थक और आम जन विरोधी हैं. यही कारण है कि वे हर मसले पर साथ बड़े लोगों का लेते हैं और छोटे लोगों को उनके हाल पर मरने-तपड़ने के …

ये अंशकालिक संवाददाता तो मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई जीतने वाला है! आप कब जागेंगे?

देश भर के समाचार पत्रों में कार्यरत अंशकालिक संवाददाताओं के लिये अच्छी खबर है। समाचार पत्रों में समाचार भेजने के बदले नाम मात्र का भुगतान पाने वाले अंशकालिक संवाददाता भी मजीठिया वेज बोर्ड के तहत लाखों रुपये का बकाया भुगतान क्लेम कर सकते हैं और इसे पा भी सकते हैं। एक अंशकालिक संवाददाता अपने इसी …

मजीठिया वेज बोर्ड : महाराष्ट्र में समाचार पत्रों की फिर से होगी जांच

मुंबई : पत्रकारों और समाचारपत्र कर्मियों के लिये गठित जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद भी अमल में नहीं लाया जा सका है। महाराष्ट्र के कामगार आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित त्रिपक्षीय समिति की बैठक में इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुये कामगार आयुक्त राजीव जाधव ने …

पत्रकार ने अमित शाह को मजीठिया वेज बोर्ड के सवाल पर घेरा तो बगले झांकने लगे

जयपुर में आज अमित शाह की प्रेस कांफ्रेंस में मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर कुछ पत्रकारों ने सवालों का ऐसा गोला दागा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बगले झांकने लगे और बड़ी बेशर्मी से अमित शाह ने कह दिया कि उन्हें मजीठिया वेजबोर्ड के बारे में कुछ नहीं मालूम। अमित शाह पर सवालों …

मजीठिया क्रांतिकारी का 37 लाख रुपये बकाया कोर्ट में जमा करने का दैनिक भास्कर को निर्देश

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में पंजाब से एक बड़ी खबर आ रही है। पंजाब हाईकोर्ट ने दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डी बी कार्प को निर्देश दिया है कि वह क्लेमकर्ता की पूरी बकाया राशि को रजिस्ट्रार कार्यालय में दस दिनों के अंदर जमा कराए। पूरे देश में ये पहला मामला है जब किसी …

नई दुनिया इंदौर के मीडियाकर्मी अभिषेक यादव ने प्रबंधकों की दादागिरी का कच्चा चिट्ठा खोला

Pramod Patel : मजीठिया वेज बोर्ड मांगने पर किस प्रकार से कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है, किस तरह मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है और किस तरह केस वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, उसका उदाहरण है नई दुनिया, इंदौर के मीडियाकर्मी अभिषेक यादव का प्रकरण. हम इस साथी को …

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पत्रकारों के लिए सुनाया एतिहासिक फैसला, लेकिन सवाल वही है- ‘इसे लागू कौन कराएगा माई लॉर्ड?’

सुप्रीम कोर्ट ने नाक रगड़ लिया लेकिन किसी अखबार मालिक ने ठीक से मजीठिया वेज बोर्ड लागू नहीं किया. वो मीडियाकर्मी जो खुलकर मजीठिया वेज बोर्ड मांगते हुए सामने आए, उन्हें या तो नौकरी से निकाल दिया गया या फिर दूर दराज कहीं ट्रांसफर करके फेंक दिया गया. जो लोग चुप्पी साधे अखबारों में मालिकों …

पाखंडी भास्कर समूह को आइना दिखाने वाली बहादुर रिसेप्शनिस्ट आलिया इम्तियाज़ शेख को एक सैल्यूट!

महिला मीडियाकर्मी का यह इस्तीफानामा दैनिक भास्कर के पाखंड को तार-तार करता है… आप भी पढ़ें और दूसरों को भी पढ़वाएं…. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

अखबार ने नौकरी से निकाला तो 34 साल बाद कोर्ट से जीत सके दुबे जी!

कुछ लोगों का कहना है कि यह जीत कोई जीत नहीं है. 34 साल बाद किसी कंपनी से निकाले गए आदमी का जीतना बताता है कि दरअसल कंपनी जीत गई, आदमी हार गया. बावजूद इसके, कई पत्रकार साथी खुश हैं कि चलो, जीते हुए साथी को समुचित पैसा, बकाया, वेज बोर्ड और मुआवजा तो मिल …

नवभारत मुंबई प्रबंधन की प्रताड़ना के शिकार मजीठिया क्रांतिकारी विमल मिश्र की मौत

मुंबई : चार साल से नवभारत प्रबंधन की प्रताड़ना से जंग लड़ रहे नवभारत के रिपोर्टर विमल मिश्र का निधन हो गया। नवभारत प्रबंधन ने उन्हें न तो ट्रांसफर किया था, ना ही सस्पेंड किया और ना ही टर्मिनेट किया। इसके बावजूद वेतन नहीं दे रहा था। तकरीबन 4 साल पहले श्री मिश्र ने नवभारत …

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में पत्रकारों के पक्ष में बॉम्बे हाई कोर्ट का अहम फैसला

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में बॅाम्बे हाई कोर्ट ने दी कर्मचारियों को बड़ी राहत, लेबर कोर्ट में हो रही सुनवाई पर हस्तक्षेप करने से किया इनकार, कंपनी द्वारा उठाये गए आपत्ति को भी किया रिजेक्ट, एडवोकेट उमेश शर्मा ने दमदार तरीके से रखा बॉम्बे हाई कोर्ट में कर्मचारियों का पक्ष… कृपया हमें अनुसरण करें …

राष्ट्रीय सहारा के गुणानंद को मजीठिया मामले में मिली लेबर कोर्ट में जीत

लेबर कोर्ट देहरादून ने दिया सहारा को बड़ा झटका… ठेका कर्मी को नियमित कर्मचारी मानते हुए मजीठिया देने का आदेश… राष्ट्रीय सहारा को लेबर कोर्ट देहरादून ने करारा झटका दिया है। श्रम न्यायालय ने सहारा प्रबंधन के तमाम तिकडम और दबाव के बावजूद कर्मचारियों के हक में फैसला दिया है। श्रम न्यायालय के माननीय जज …

सहारा को तीन बर्खास्त मीडियाकर्मियों की बहाली और मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से वेतन देने के निर्देश

देहरादून। राष्ट्रीय सहारा प्रबंधन को अपने यहां से निकाले गए मीडियाकर्मियों के मामले में झटका लगा है। लेबर कोर्ट ने तीन कर्मियों की बर्खास्तगी को अवैध मानते हुए उनकी बहाली के साथ ही मजीठिया वेजबोर्ड की सिफारिशों के अनुसार वेतन देने का भी निर्देश दिया है। कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

मजीठिया केस : दैनिक जागरण पर लगा बीस हजार रुपये का जुर्माना

Brijesh Pandey : दैनिक जागरण हिसार के 41 कर्मियों का टेर्मिनेशन का मामला… हिसार के 41 कर्मियों के टर्मिनेशन के मामले में 16 A की शिकायत के बाद सरकार ने 17 की शक्ति का प्रयोग करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में 6 माह की समय सीमा के साथ न्यायनिर्णय हेतु लेबर …

मजीठिया मामले में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने जरूरी कदम उठाने का दिया भरोसा

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने उत्तर प्रदेश के पत्रकारों को भरोसा दिलाया है कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को पूरी तरह लागू कराने के लिये वे जो भी आवश्यक कदम होगा, जरूर उठायेंगे। इसके लिये राज्यपाल ने कहा है कि पत्रकार अपने एजेंडे के साथ उनसे मिलने आयें और इस वेज …

जागरण ग्रुप के नई दुनिया अखबार से होगी दो लाख तीस हजार रुपये की वसूली, देखें आदेश की कॉपी

जानेमाने रंगकर्मी एवं साहित्यकार नीलाभ अश्क चुपचाप अपने घर से लापता हो गए हैं। अपने साथ वह घर के ढेर सारे जरूरी सामान लैपटॉप, कंप्यूटर, फोन सेट आदि भी उठा ले गए हैं। उनके जानने वालों का कहना है कि वह अपनी भूमिका द्विवेदी से डर कर कहीं जा छिपे हैं। उन्हें अपनी जान जाने का अंदेशा रहा है। उनकी पत्नी का शुरू से ही उनकी धन-संपत्ति पर निगाह रही है। बाकी सब सरोकार तो एक दिखावा भर रहा है। गुमशुदगी के संबंध में पुलिस को भी अवगत करा दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन के साथ ही नीलाभ अश्क को ढूंढने में भी जुट गई है। 

दैनिक भास्कर के जालंधर आफिस की कुर्की का आदेश

मजीठिया वेजबोर्ड का बकाया ना देने के कारण होगी कार्रवाई… ए.एल.सी. द्वारा पास किया 23.52 लाख का क्लेम ब्याज सहित अदा ना किया तो होगी भास्कर कार्यालय की नीलामी… पंजाब के फिरोजपुर से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां सहायक लेबर कमिश्रर फिरोजपुर की कोर्ट द्वारा भास्कर कर्मी राजेन्द्र मल्होत्रा को 23 लाख 52 …

डीएलसी बरेली के खिलाफ हाईकोर्ट ने वारंट जारी कर दिया

मजीठिया मामले में डीएलसी के खिलाफ वारंट के आदेश से श्रम विभाग में मचा हड़कंप…. उत्तर प्रदेश के बरेली से बड़ी खबर आ रही है। तीन क्लेमकर्ताओं की सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द कर एक सप्ताह में समस्त बकाया अदा करने का आदेश देने वाले बरेली के उपश्रमायुक्त रोशन लाल गुरुवार को याचिका पर …

बिहार के एक पत्रकार को दैनिक जागरण देगा साठ लाख बयालीस हजार रुपये, आरसी जारी

बिहार के गया जिले के पत्रकार पंकज कुमारका सपना सच हो गया. वे सुप्रीम कोर्ट से लेकर बिहार हाईकोर्ट और गया जिले की अदालतों के चक्कर काटने के बाद अंतत: दैनिक जागरण को मात देने में कामयाब हो गए. इस सफलता में उनके साथ कदम से कदम मिला कर खड़े रहे जाने माने वकील मदन …

दैनिक जागरण हिसार के 49 मीडियाकर्मियों की लड़ाई जीत की ओर, देखें नोटिस की कापी

Brijesh Pandey : मजीठिया केस रिकवरी का मामला… दैनिक जागरण हिसार के 49 साथियों ने मजीठिया के तहत एक्ट की धारा 17 (1) के अंतर्गत रिकवरी फाइल किया था..  अब तक की कार्यवाही में सरकार ने यह पाया कि दैनिक जागरण की देनदारी बनती है,…

भास्कर ग्रुप को धूल चटाने वाली इस लड़की का इंटरव्यू देखें-सुनें

मजीठिया वेज बोर्ड की लड़ाई लड़ने में बहुत बड़े बड़े पत्रकारों की पैंट गीली हो जाती है लेकिन भास्कर समूह में रिसेप्शनिस्ट पद पर कार्यरत रही एक लड़की ने न सिर्फ भास्कर ग्रुप से कानूनी लड़ाई लड़ी बल्कि अपना हक हासिल करने की अग्रसर है.

कोर्ट ने मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर हिन्दुस्तान टाईम्स से वसूली किए जाने पर लगी रोक हटायी

टर्मिनेट कर्मचारी पुरुषोत्तम सिंह के मामले में शोभना भरतिया को लगा तगड़ा झटका, एडवोकेट उमेश शर्मा ने लगातार दो दिन की थी जोरदार बहस….  जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में हिन्दुस्तान टाईम्स की मालकिन शोभना भरतिया को एक बार फिर मंगलवार १९ /२/२०१८ को दिल्ली उच्च न्यायलय में मुंह की खानी पड़ी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मजीठिया वेज बोर्ड मामले से जुड़े वसूली मामले में लगायी गयी रोक को हटा लिया। इससे हिन्दुस्तान प्रबंधन से मजीठिया वेज बोर्ड मामले में लगाये गये १७ (१) के मामले में वसूली का रास्ता साफ हो गया है।

फिरोजपुर से भास्कर कर्मी राजेन्द्र मल्होत्रा के पक्ष में जारी हुयी साढ़े बाईस लाख की आरसी

पंजाब के फिरोजपुर से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां दैनिक भास्कर में कार्यरत ब्यूरो चीफ राजेन्द्र मल्होत्रा के आवेदन को सही मानते हुये फिरोजपुर के सहायक कामगार आयुक्त सुनील कुमार भोरीवाल ने दैनिक भास्कर प्रबंधन के खिलाफ २२ लाख ५२ हजार ९४५ रुपये की वसूली के लिये रिकवरी सार्टिफिकेट जारी की है। राजेन्द्र मल्होत्रा ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में अपने बकाये की रकम के लिये सुप्रीम कोर्ट के वकील उमेश शर्मा की देख-रेख में फिरोजपुर के सहायक कामगार आयुक्त के समक्ष १७ (१) का क्लेम लगाया था।

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में दैनिक भास्कर के खिलाफ एक और आरसी जारी

मुंबई से खबर आ रही है कि यहां दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डी. बी. कॉर्प लिमिटेड में कार्यरत सिस्टम इंजीनियर अस्बर्ट गोंजाल्विस के पक्ष में जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में 26 लाख 38 हजार 203 रुपए 98 पैसे का रिकवरी सर्टीफिकेट (आरसी) जारी किया गया है। इस आरसी को मुंबई (उपनगर) के कलेक्टर को भेज कर आदेश दिया गया है कि वह आवेदक के पक्ष में कंपनी से भू-राजस्व की भांति वसूली करें और आवेदक अस्बर्ट गोंजाल्विस को यह धनराशि प्रदान कराएं। आपको बता दें कि इस मामले में अस्बर्ट गोंजाल्विस ने अपने एडवोकेट एस. पी. पांडे के जरिए मुंबई उच्च न्यायालय में कैविएट भी लगवा दी है।

महाराष्ट्र के चार मीडिया कर्मियों का बकाया न देने पर भास्कर समूह के खिलाफ आरसी जारी

अपने कर्मियों का हक मारने के कारण दैनिक भास्कर को झटके पर झटका लग रहा है. भास्कर अखबार की प्रबंधन कंपनी डीबी कॉर्प द्वारा संचालित मराठी अखबार दैनिक दिव्य मराठी के अकोला एडिशन से खबर आ रही है कि यहां के ४ मीडिया कर्मियों के आवेदन पर भास्कर के खिलाफ आरसी जारी हुई है. इन मीडियाकर्मियों के पक्ष में सहायक कामगार आयुक्त अकोला श्री विजयकांत पानबुड़े ने रिकवरी सार्टिफिकेट आदेश जिलाधिकारी अकोला को दिया है।

संयुक्त आयुक्त श्रम ने जागरण के मालिक मोहन गुप्त को नोटिस भेजा, शेल कम्पनी ‘कंचन प्रकाशन’ का मुद्दा भी उठा

दैनिक जागरण के एचआर एजीएम विनोद शुक्ला की हुई फजीहत…  पटना : दैनिक जागरण के मालिक महेंद्र मोहन गुप्त को श्रम विभाग के संयुक्त आयुक्त डा. वीरेंद्र कुमार ने नोटिस जारी कर जागरण कर्मियों द्वारा दायर किए गए जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा को लेकर वाद में पक्ष रखने के लिए तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 दिसंबर को होनी है। वहीं दैनिक जागरण पटना के एजीएम एचआर विनोद शुक्ला के जागरण प्रबंधन के पक्ष में उपस्थिति पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए अधिवक्ता मदन तिवारी ने संबंधित बोर्ड के प्रस्ताव की अधिकृत कागजात की मांग कर एजीएम शुक्ला की बोलती बंद कर दी। दैनिक जागरण के हजारों कर्मियों को अपना कर्मचारी न मानने के दावे एजीएम शुक्ला के दावे की भी श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डा.  वीरेंद्र कुमार के सामने हवा निकल गई।

महाराष्ट्र के लेबर कमिश्नर का निर्देश- ठेका कर्मचारियों को भी मजीठिया वेजबोर्ड का लाभ देना जरूरी

सभी अखबारों की होगी फिर से जांच…  महाराष्ट्र के लेबर कमिश्नर द्वारा बुलाई गई त्रिपक्षीय समिति की बैठक में लेबर कमिश्नर यशवंत केरुरे ने अखबार मालिकों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपको माननीय सुप्रिमकोर्ट के आदेश का पालन करना ही पड़ेगा। श्री केरुरे ने कहा कि वेज बोर्ड का लाभ ठेका कर्मचारियों को भी देना अनिवार्य है। मुम्बई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के लेबर कमिश्नर कार्यालय में बुलाई गई इस बैठक में  राज्यभर के विभागीय अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया था।

मजीठिया मामला : दैनिक भास्कर मुंबई के सुनील कुकरेती ने भी लगा दिया क्लेम

डी बी कॉर्प लिमिटेड द्वारा संचालित दैनिक भास्कर समाचार-पत्र के प्रिंसिपल करेस्पॉन्डेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड मामले में कंपनी को धूल चटाए जाने के बाद ‘भास्कर’ के मुंबई ब्यूरो में बागियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। अपने बकाए की वसूली के लिए श्रम विभाग पहुंचने वालों में अब नया नाम जुड़ा है सुनील कुकरेती का। सुनील इस संस्थान में बतौर सीनियर रिपोर्टर कार्यरत हैं।

मजीठिया वेज बोर्ड मामला : सुप्रीम कोर्ट ने अखबार मालिकों को राहत देने से किया इनकार, देखें ऑर्डर की कापी

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट अखबार मालिकों के खिलाफ सख्त होता जा रहा है। जी हां, सुप्रीम कोर्ट ने अखबार मालिकों के लिए दो सख्त आदेश दिए हैं… पहला तो यह कि उन्हें अपने कर्मचारियों को जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ देना ही पड़ेगा, भले ही उनका अखबार घाटे में हो। दूसरा, अखबार मालिकों को उन कर्मचारियों को भी मजीठिया वेज बोर्ड के मुताबिक लाभ देना पड़ेगा, जो ठेके पर हैं। सुप्रीम कोर्ट के रुख से यह भी स्पष्ट हो चुका है कि जिन मीडियाकर्मियों को मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ चाहिए, उन्हें क्लेम लगाना ही होगा।