एचटी और नईदुनिया जैसे बड़े अखबार भोपाल की प्राइम लोकेशन पर बंगला कबाड़े हुए हैं!

मध्यप्रदेश की साहसिक महिला राजपत्रित अधिकारी ने बरसों धीरज रखने के बाद अपने दाम्पत्य जीवन के कृष्ण पक्ष को सकुचाते हुए सार्वजनिक किया है. इससे संबंधित पोस्ट में जहाँ साहित्यिक गतिविधियों से जुड़े पति के भटकने का सच है वहीं अनजाने ही पत्रकार कोटे के सरकारी मकानों का काला सच एक बार फिर सामने आ गया है. मैं इस काले सच को हाईकोर्ट में जनहित याचिका के मार्फ़त उजागर कर चुका हूं.