रामलला तक पहुंचने पर जो दृश्य देखा, वह हृदय विदारक था

आज लगभग 40 साल बाद मैं फिर से अयोध्या की राम जन्मभूमि पर गया जहां रामलला विराजमान हैं, उस जगह तक पहुंचने में लगभग आधा घंटा पैदल चलना पड़ा। जब पहली बार यहां आया था तो शायद पांच मिनिट भी नहीं चलना पड़ा था। पैदल चलना मेरे लिए आनंद की बात है लेकिन रामलला तक पहुंचने पर जो दृश्य मैंने देखा, वह हृदय-विदारक था। लोहे के पाइपों से घिरा रास्ता ऐसा लग रहा था, जैसे हम हिटलर के किसी यातना-शिविर में से गुजर रहे हैं। ऐसे कई शिविर मैंने यूरोपीय देशों में देखे हैं लेकिन यह दृश्य तो उससे भी भयंकर था।

मुसलमानों ने मस्जिद के अंदर योग करके प्रतिमान कायम किया (देखें वीडियो)

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यूपी के हाथरस जिले के गांव अल्हैपुर चुरसैन के मुलमानों ने मस्जिद के अंदर योग करके उन लोगों को आइना दिखाया है जो ओम उच्चारण और सूर्य नमस्कार का बहाना बनाकर योग को धर्म से जोड़ने का काम कर रहे हैं। साथ ही यह संदेश भी दिया है कि योग से धर्म का कोई लेना देना नहीं है और भागदौड़ की जिंदगी में शरीर की हिफाजत के लिए योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।