हैरानी तब होती है जब मायावती बेशर्मी के साथ कहती हैं कि….

Sumant Bhattacharya : अरबों रुपए देने वाले ये कौन हैं मायावती के शोषित और गरीब… जब मायावती कहती हैं कि राज्यसभा पहुंचाने के एवज में अखिलेश दास ने मुझे 100 करोड़ का प्रस्ताव दिया तो मुझे कोई हैरानी नहीं हुई। हैरानी तब होती है जब मायावती बेशर्मी के साथ कहती हैं कि… “देश के गरीब शोषित के छोटे-छोटे अनुदान से पार्टी चलती है।” तो देश के “वास्तविक गरीब-शोषित लोग” मेरी आंखों के सामने घूमने लगते हैं।