बीते दो दशकों में मीडिया की दशा-दिशा में आए बदलावों का वरिष्ठ पत्रकार एलएन शीतल द्वारा विस्तृत विश्लेषण

मीडिया के बदलते रुझान-1 : इन नवकुबेरों ने मिशन शब्द का अर्थ ही पागलपन कर दिया

 

अगर हम मीडिया के रुझान में आये बदलाव के लिए कोई विभाजन-रेखा खींचना चाहें तो वह विभाजन-रेखा है सन 1995. नरसिंह राव सरकार के वित्तमन्त्री मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गयी खुली अर्थव्यवस्था के परिणामस्वरूप अख़बारी दुनिया में व्यापक परिवर्तन हुए. पहला बदलाव तो यह आया कि सम्पादक नाम की संस्था दिनोदिन कमज़ोर होती चली गयी, और अन्ततः आज सम्पादक की हैसियत महज एक मैनेजर की रह गयी है.

समाज में जारी रहेगा पत्रकारिता का मिशन : मनोज रावत

देहरादून : पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में आईएफडब्लूजे की प्रदेश इकाई स्टेट यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट एवं जनजागरण अभियान समिति के संयुक्त तत्वावधान में मीडिया पर विचार मंथन किया गया। इस मौके पर स्टेट यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज रावत ने कहा कि आज भी समाज में पत्रकारिता का मिशन जारी है।