हर दिन लाखों का विज्ञापन चैनलों पर देने वाले खरबपति बाबा की सुरक्षा पर जनता का धन खर्च होगा

Anil Singh : नेताओं को ही नहीं, कलियुगी साधुओं और बाबाओ को भी सुरक्षा की तगड़ी ज़रूरत है तो बाबा रामदेव को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Z सुरक्षा देने का फैसला कर लिया है। राजनाथ सिंह ने मन ही मन सोचा – खर्च तो जनधन ही होगा, अपना या अपने पूत का क्या जाता है! कांग्रेस ने बड़ी चोरी की तो भाजपा ने छोटी चोरी की, इसमें क्या बुराई…. इस किस्म के तर्क दे रहे हैं कुछ लोग। मित्र, संत को कभी राजाश्रय या सुरक्षा की ज़रूरत नहीं होती। इसका एक अर्थ तो यही है कि यह बाबा संत नहीं, कुसंत है। दूसरे खरबों की संपत्ति वाला बाबा हर दिन लाखों का विज्ञापन न्यूज़ चैनलों पर दे सकता है तो अपनी सुरक्षा का इंतज़ाम खुद क्यों नहीं कर सकता? आखिर क्यों उस पर हमारा यानी करदाताओं का धन लुटाया जा रहा है?