मोतीलाल ओसवाल सिक्यूरिटीज के जरिए शेयर बाजार में जाएंगे तो लुट जाएंगे, पढ़िए इनका फ्रॉड

यह किस्सा मेरे एक नजदीकी मित्र के साथ ही घटा है. इस किस्से की शुरुआत किसी आम मार्केटिंग कॉल से होती है जो आपके हमारे पास सबके पास रोज आती है. 2010 की शुरुआत में किसी एक दिन यह कॉल मुंबई के नरेश बौंठियाल के पास भी आई. कॉल से सुमधुर आवाज में पूछा गया …