राज्यपाल इतने बीमार हैं, तो पद क्यों नहीं छोड़ देते ?

भोपाल : पिछले हफ्ते ही बंसल अस्पताल से स्वस्थ होकर राजभवन लौटे राज्यपाल रामनरेश यादव बुधवार को फिर वहीं भर्ती हो गए। समझा जा सकता है कि बेटे के निधन से वे सामान्य और सहज नहीं हो पा रहे हैं। इसके बावजूद मैं इस तथ्य की तह तक जाना चाहूँगा कि जब से सूबे के राज्यपाल बने हैं, उनका अधिकतर समय भोपाल के अस्पतालों में गुजरता है। पहले वे अक्सर नेशनल अस्पताल में भर्ती हो जाते थे क्योंकि तब वहीं सबसे बेहतर अस्पताल माना जाता था। जब से बंसल अस्पताल खुला है राज्यपाल वहीं भर्ती होने लगे हैं। उनके अस्पताल में भर्ती होने कि खबरें अखबारों मे छपती ही हैं, जो बताती हैं की राज्यपाल कोई दस-बारह बार तो अस्पताल मे भर्ती हो ही चुके हैं..! 

घोगल में 23 जल सत्याग्रहियों की हालत गंभीर, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों में जबर्दस्त गुस्सा

खंडवा (म. प्र.) : ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ाने के विरोध में यहां जारी जल सत्याग्रह आज बुधवार को 26वें दिन भी कायम रहा। आज 23 सत्याग्रहियों की हालत गंभीर हो गई। इससे देश के जागरूक पत्रकारों और जनपक्षधर बुद्धिजीवियों में भारी गुस्सा पनप रहा है। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) मप्र राज्य समिति के सचिव बादल सरोज ने कहा है कि जल सत्याग्रह के 25 दिन हो गए हैं। केंद्र या प्रदेश सरकार ने मुआवजे और पुनर्वास सहित आंदोलनकारियों की मांगों पर पर बात तक करने की मंशा नहीं जताई है। उल्टे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जो बयान आए हैं, वे पीड़ित नागरिकों का अपमान करने वाले हैं।

एमपी में पत्रकार की हत्या, यूपी में टीवी रिपोर्टर के घर पर कातिलाना हमला

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में इन दिनों पत्रकारों पर कातिलाना हमले हो रहे हैं। सिंगरौली (म.प्र.) में एक साप्ताहिक अखबार के संपादक की हथौड़े से हत्या कर दी गई। गोरखपुर (उ.प्र.) में एक टीवी न्यूज चैनल के पत्रकार के घर पर धावा बोलकर कुछ लोगों ने परिजनों से आधा दर्जन से अधिक लोगों को लहूलुहान कर डाला।

बहन की शादी में बैल बिक गए, रोजी रोटी के लिए अब दोनो बेटे रहीम-रज्जाक खींच रहे बैलगाड़ी

बुरहानपुर (म.प्र.) : ये हकीकत दो सगे भाइयों रहीम और रज्जाक की है। यहां की सड़कों पर चिलचिलाती धूप में बैलों की जगह दोनो भाई बैलगाड़ी खींचते हैं ताकि वे कमाई कर अपनी बहन के लिए दहेज जुटा सकें. परिवार के मुखिया ने अपनी बेटियों की शादी के लिए बैल बेच दिए और परिवार की रोजी रोटी चलाने के लिए अपने बेटों को बैल बना दिया.

सांसद ने पत्रकारों की कीमत लगाई मात्र दो-दो सौ रुपये!

पहले नेता भ्रष्ट हुए. फिर नेताओं ने भ्रष्ट अफसरों को करीब रखकर उन्हें प्रमोट करना और उनके जरिए कमाना शुरू किया. इसके बाद भ्रष्ट नेता और भ्रष्ट अफसर ने मीडिया को भ्रष्ट कर अपने भ्रष्टाचार की पोल को खुलने से रोका, साथ ही भ्रष्टाचार के गठजोड़ को बड़ा किया. ये साबित तथ्य हैं. इसीलिए कहा जाता है कि मीडिया कोई अलग थलग भ्रष्ट नहीं है बल्कि इसे दो भ्रष्ट स्तंभों ने भ्रष्ट करने में अहम भूमिका निभाई है. देश में जब तक राजनीति अच्छी नहीं होगी, राजनीति नहीं सुधरेगी तब तक मीडिया का सुधरना मुश्किल है. इसी का ताजा उदाहरण है एक नेता द्वारा मीडिया वालों को रिश्वत देने का.

बसपा की मान्यता खत्म करने और मायावती व अखिलेश दास पर के खिलाफ एफआईआर की मांग

बसपा अध्यक्ष मायावती तथा राज्य सभा सांसद अखिलेश दास द्वारा लगाए गए आरोप-प्रत्यारोप अब चुनाव आयोग तक पहुँच गए हैं. सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों को इस सम्बन्ध में ईमेल द्वारा शिकायत भेज कर इन आरोपों की जांच करने और इन पर तदनुसार कठोर विधिक कार्यवाही करने हेतु निवेदन किया है. उन्होंने कहा कि आईएनसी बनाम इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर सहित तमाम निर्णयों में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि आयोग को किसी राजनैतिक दल द्वारा देश के स्थापित कानूनों को तोड़ने की दशा में उसे अपंजीकृत करने का अधिकार और दायित्व है, जैसा इस मामले में बसपा पर श्री दास द्वारा आरोपित किया गया है.

मीडिया विरोधी हरकत के कारण मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार पर लगा जुर्माना

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने अहम फैसले में राजगढ़ के जिलाधिकारी द्वारा एक वरिष्ठ पत्रकार को राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिलाबदर करने के कोई साढ़े पांच महीने पुराने आदेश को न केवल खारिज कर दिया, बल्कि प्रदेश सरकार पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगा दिया. हाई कोर्ट की इंदौर पीठ के जज एससी शर्मा ने राजगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार अनूप सक्सेना (49) को ‘मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990’ के तहत जिलाबदर करने के आदेश को 11 सितंबर रद्द कर दिया. इसके साथ ही, प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि वह राजगढ़ के जिलाधिकारी के जरिये 30 दिन के भीतर 10,000 रुपये का जुर्माना चुकाये.