28वीं राष्ट्रीय समकालीन कला प्रदर्शनी 17 से भारत भवन भोपाल में

भोपाल : भारत भवन में शुक्रवार, 17 से 26 अप्रैल तक भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के ‘दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर की 28वीं राष्ट्रीय समकालीन कला प्रदर्शनी शुरू होने जा रही है। 

प्रदर्शनी की आयोजन सूचना प्रसारित करते केआर सुबन्ना, पियूष कुमर और मनोज श्रीवास्तव

हिन्दी अंग्रेजी का स्थान ले तो मुझे अच्छा लगेगा, अंग्रेजी अंतर्राष्ट्रीय भाषा है लेकिन वह राष्ट्रभाषा नहीं हो सकती: महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के सपनों के भारत में एक सपना राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी को प्रतिष्ठित करने का भी था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना कोई भी राष्ट्र गूँगा हो जाता है। हिन्दी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में एक राजनीतिक शख्सियत के रूप में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। महात्मा गांधी की मातृभाषा गुजराती थी और उन्हें अंग्रेजी भाषा का उच्चकोटि का ज्ञान था किंतु सभी भारतीय भाषाओं के प्रति उनके मन में विशिष्ट सम्मान भावना थी। प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करे, उसमें कार्य करे किंतु देश में सर्वाधिक बोली जाने वाली हिन्दी भाषा भी वह सीखे, यह उनकी हार्दिक इच्छा थी।