बहुत बड़े ‘खिलाड़ी’ शशि शेखर को पत्रकार नवीन कुमार ने दिखाया भरपूर आइना! (पढ़िए पत्र)

आदरणीय शशि शेखर जी,

नमस्कार,

बहुत तकलीफ के साथ यह पत्र लिख रहा हूं। पता नहीं यह आपतक पहुंचेगा या नहीं। पहुंचेगा तो तवज्जो देंगे या नहीं। बड़े संपादक तुच्छ बातों को महत्त्व नहीं दे। तब भी लिख रहा हूं क्योंकि यह वर्ग सत्ता का नहीं विचार सत्ता का प्रश्न है। एक जिम्मेदार पाठक के तौर पर यह लिखना मेरा दायित्व है। जब संपादक अपने अखबारों को डेरे में बदलने लगें और तथ्यों के साथ डेरा प्रमुख की तरह खेलने लगें तो पत्रकारिता की हालत पंचकुला जैसी हो जाती है और पाठक प्रमुख के पालित सेवादारों के पैरों के नीचे पड़ा होता है।

टीवी जर्नलिस्ट और चर्चित एंकर नवीन कुमार को हिंदी अकादमी पत्रकारिता सम्मान

सुलोचना वर्मा : वर्ष 2016-17 के हिंदी अकादमी पत्रकारिता सम्मान की घोषणा हो चुकी है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए यह सम्मान नवीन को दिया जाना सुखद है| कार्यक्रम “ये है इण्डिया” में अल्पसंख्यकों, दलितों, पिछड़ों, स्त्री अधिकारों जैसे मुद्दों को लगातार उठाते रहने के कारण आज नवीन को लोग आमजन के पत्रकार के रूप में देखते हैं। खूब बधाई और शुभकामनाएँ!! नेक दोस्त की सलाह : कोई भी पुरस्कार /सम्मान अकेले नहीं आता; लानत-मलामत भी साथ लाता है| घर लौटते हुए कोलेकैल्शिफेरोल की शैशे लेते जाना। हड्डियों के सहने की क्षमता बढ़ेगी 🙂