टीआरपी में नौवें स्थान पर रहने वाला एनडीटीवी इंडिया चल कैसे रहा है, पैसा कितना और कहां से आ रहा है?

Nadim S. Akhter : एक गंभीर बात. बार्क की तरफ से 29वें हफ्ते की टीआरपी के जो आंकड़े जारी किए गए हैं, वो इस प्रकार हैं. गौर से देखिए इनको और जरा अंदाजा लगाए कि कौन चैनल -सफलता- के किस पायदान पर खड़ा है. फिर आगे की बात करूंगा.

टीआरपी का तमाशा : एनडीटीवी जैसे चैनल को दसवें नंबर का बना डाला…

: आजतक फिर नंबर एक पर, न्यूज24 फिर हुआ न्यूज नेशन से पीछे : इस बाजारीकृत व्यवस्था में सब कुछ पूंजी से तय होता है. चैनल कितने देखे गए, इसका आंकड़ा जुटाने वाली प्राइवेट संस्था ‘टैम’ में घपले-गड़बड़ियां खूब है पर इसकी जांच कराने की किसी में हिम्मत नहीं होती. जो ज्यादा आंख तरेरता है और सत्ता में अच्छा खासा दखल रखता है, टैम वाले टामी उसकी ‘मुराद’ पूरी कर देते हैं. या तो उसके या उससे जुड़े चैनल को ज्यादा टीआरपी देकर बड़ा कर देते हैं या फिर उसको किसी अन्य तरीके से ‘ओबलाइज’ कर देते हैं. यही कारण है कि टैम वाले उन न्यूज चैनलों को तो ज्यादा टीआरपी देते हैं जिनका कंटेंट बेहद पूवर यानि घटिया है, लेकिन जो अच्छे कंटेंट दिखाता है, यथा एनडीटीवी जैसे चैनल, उनको बिलकुल आखिरी पायदान पर डाल देते हैं.