‘नालंदा’ एनजीओ की गड़बड़ियों का भेद खोलने पर टर्मिनेशन लेटर थमा दिया

लखनऊ : मैं लगभग सवा साल से लखनऊ में नालंदा नामक एक एन.जी.ओ. में काम कर रहा था, जो प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिय काम करता है. इस एन.जी.ओ. में आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर कई तरह की गड़बड़ियां चल रही थीं, जिनके बारे में हम तीन मित्रों ने मिलकर संस्था के प्रेसीडेंट बिश्वजीत सेन को मेल करके बताया था. हमें नहीं पता था कि इतनी-सी बात के लिये हमें अचानक ही नौकरी से हटा दिया जाएगा. बिना किसी आधार के मुझे अचानक 12 जून को नौकरी से हटा दिया गया. टर्मिनेशन लेटर में लिखा गया कि मेरा परफ़ार्मेंस ठीक नहीं था. 

नालंदा प्रबंधन की करतूतों पर प्रकाशित समाचार 

एनजीओ Green Peace India का रजिस्ट्रेशन रद्द, फंडिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक

Meenu Jain : This time they came for an NGO… you and me could be the next… स्पष्ट बहुमत के घोड़े पर सवार केंद्र सरकार को एक NGO से किस प्रकार का भय सता रहा है? क्या खतरा है ग्रीनपीस से? इतनी असुरक्षा क्यों कि ग्रीनपीस इण्डिया Greenpeace India का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया और …