संपादक बदलते ही नेता लोग अपने मोबाइल से उसका नंबर भी डिलीट मार देते हैं!

Nirala Bidesia : -ए रायजी. कहां हैं. तनि लगाइये फलाना अखबार के संपादकजी को फोन. बहुत दिन हो गया बतियाये हुए.

-सर, उ अब संपादक नहीं हैं न.

-सब बकबांदर हमरे माथे पड़े हैं.बताये काहे नहीं. कौन बना है नया.