दैनिक जागरण के मुख्य महाप्रबंधक, कार्मिक प्रबंधक और मार्केटिंग मैनेजर के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज

मीडिया संस्थानों में गजब का खेल है। भले ही लोगों को बाहर से कुछ दिखता हो, लेकिन इसकी हालत आम कारोबार की तरह है। मुनाफा की होड़ में हर तरह के हथकंडे अख्तियार किए जा रहे हैं। देश का नम्बर वन अखबार होने का दावा करने वाले दैनिक जागरण अखबार में भी तरह—तरह के खेल हैं। मामला कार्यस्थल पर सम्मान का है। फिलहाल इस अखबार में सीनियर मार्केटिंग एक्जक्यूटिव के पद पर कार्यरत पीड़ित महिला कर्मचारी ने गौतमबुद्ध नगर थाना में दैनिक जागरण के मुख्य महाप्रबंधक नीतेन्द्र श्रीवास्तव, कार्मिक प्रबंधक देवानंद कुमार उर्फ मुन्ना और नोएडा के मार्केटिंग मैनेजर नकुल त्यागी पर भारतीय दंड विधान की धारा 354ए और 504बी के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा कांड संख्या 643/15 के अन्तर्गत दर्ज किया गया है।

दर्ज मुकदमे में पीड़िता ने कार्यस्थल पर लगातार शारीरिक और मानसिक तौर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। बहाना तो मार्केटिंग के टारगेट था, लेकिन उसके पीछे कुछ और चल रहा था। उसका दावा है कि वह मार्केटिंग के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में कामयाब रही है। दर्ज प्राथमिकी में यह आरोप लगाया है कि नोएडा के मार्केटिंग मैनेजर नकुल त्यागी का आचरण मर्यादा के विपरीत है। विरोध करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इतना ही नहीं कार्मिक विभाग के प्रबंधक ने भी यह नसीहत दी कि— ”नौकरी करनी है तो सबकुछ बर्दाश्त करना होगा।” जब इसकी शिकायत मुख्य महाप्रबंधक से की तो उन्होंने भी इन्हीं अधिकारियों का पक्ष ​​लिया।

24 अगस्त को उसे कार्यालय के गेट पर गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। पूछने पर बताया गया कि कार्मिक विभाग के प्रबंधक के आदेश पर ऐसा किया गया है। इस संबध में जब उनसे इंटरकॉम पर बात की तो वे फिर अभद्रता पर उतर आए। मामला थाने में पहुंचने से पहले पीड़िता ने प्रबंधन के शीर्ष लोगों को भी मेल के माध्यम से वाफिक कराया। उधर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आने के कारण न्याय के लिये पुलिस के पास दस्तक दी है। पुलिस ने प्रबंधन के दबाव में दूसरा मुकदमा पहले ही दर्ज कर लिया है। प्रबंधन ने पीड़िता सहित संस्थान के चालीस लोगों के खिलाफ मुकदमा किया है। इस मुकदमें में आरोप है कि इन लोगों ने नौकरी से निकाले जाने के बाद जबरन संस्थान में घुसकर मुख्य महाप्रबंधक का घेराव किया। यह मुकदमा नोएडा फेजथ्री में दर्ज कराया गया है। सवाल यह उठता है कि यदि प्रबंधन के लोग यह कहते हैं कि इन्हें हटाया गया तो क्या उसके पहले की तमाम प्रक्रिया पूरी की थी।

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