केजरीवाल को अकल नहीं थी…भाग गया कुर्सी छोड़ कर…मुझे नहीं लगता उसका भविष्य उज्ज्वल है: ओमपुरी

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व्यवस्था के खिलाफ अपनी फिल्मों में उन्होंने शुरूआती दौर में जो आक्रोश दिखाया था, आज भी वैसा ही तेवर उनमें मौजूद है। फिल्म अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता ओम पुरी आज भी मानते हैं कि व्यवस्था बदलने के लिए जन आंदोलन बेहद जरुरी है। पर्यावरण जैसे मुद्दों से लेकर वह ‘निर्भया’ जैसे बड़े आंदोलन के हिमायती हैं। 4-5 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर हुए वाइल्ड लाइफ फिल्म फेस्टिवल शिरकत करने ओम पुरी खास तौर पर आए थे। दो दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बाद फुरसत पाते ही ओमपुरी ने बातचीत  के लिए वक्त निकाला। इस दौरान उन्होंने साफगोई के साथ बहुत कुछ अपनी कही और कुछ आज के मुद्दों पर बात की।