हिट्स-लाइक के लिए अश्लीलता पर उतारू पत्रिका ग्रुप का पोर्टल, देखें ये हेडिंग और फोटो

एक दौर था जब लोग पत्रकारों के ईमानदार होने और निष्पक्ष पत्रकारिता के शानदार प्रयोगों के उदारहण दिया करते थे। बदलते समय के साथ साथ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया का भी स्वरूप और लेखन बदल गया है। अब पत्रकारिता के नाम पर बड़े बैनर के वेब पोर्टल तक ज्यादा से ज्यादा हिट्स और लाइक के चक्कर में अश्लीलता परोसने में जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।

क्या ‘न्यूज़ वेब पोर्टल’ विश्वसनीयता हासिल नहीं कर पा रहे हैं?

Abhishek Ranjan Singh :  न्यूज़ चैनल ‘लाइव प्रसारण’ की क्षमता से ज़िंदा हैं। बाकी मौजूदा ‘न्यूज़ वेब पोर्टल’ भ्रामक, अधूरी और एकपक्षीय ख़बरों की वजह से देश की जनता के बीच अपनी पकड़ नहीं बना पा रहे हैं। इसकी वजह विश्वसनीयता हासिल न कर पाना है। न्यूज़ चैनलों और डिजीटल मीडिया की मेहरबानी से भारत में अख़बारों और पत्रिकाओं का भविष्य पहले अधिक उज्जवल हो गया है।