पंकज पचौरी की मूर्खता बनाम रवीश कुमार का अहंकार

रवीश बाबू, इतना स्मार्ट बनना और अपमानित करना गुड बात नहीं

-दयानंद पांडेय-

एक समय मैं रवीश कुमार के अनन्यतम प्रशंसकों में से एक था। उन की स्पेशल रिपोर्ट को ले कर उन पर एक लेख भी लिखा था सरोकारनामा पर कभी। रवीश तब मेरे इस लिखे पर न्यौछावर हो गए थे। मुझे भी अच्छा लगा था उन का यह न्यौछावर होना । यह लेख अब मेरी एक किताब में भी है। मेरी मातृभाषा भी भोजपुरी है इस नाते भी उन से बहुत प्यार है। लेकिन बीते कुछ समय से जिस तरह सहजता भरे अभिनय में अपने को सम्राट की तरह वह उपस्थित कर रहे हैं और लाऊड हो रहे हैं , एकतरफा बातें करते हुए और कि अपने अहमक अंदाज़ में लोगों का भरपूर अपमान हूं या हां कह कर कर रहे हैं और कि एक ढीठ पूर्वाग्रह के साथ अपने को प्रस्तुत कर रहे हैं जिस का कि किसी तथ्य और तर्क से कोई वास्ता नहीं होता वह अपनी साख, अपनी गरिमा और अपना तेवर वह बुरी तरह गंवा चुके हैं।

न्यूज एक्स से जुड़ गए पंकज पचौरी

पंकज पचौरी एनडीटीवी में हुआ करते थे. उसके बाद वह मनमोहन सिंह की सरकार में पीएम के मीडिया सलाहकार बन गए. सलाह देने के बाद जब मनमोहन सरकार विदा हो गई तो कुछ महीनों के खालीपन के बाद अब फिर से पत्रकार रूप में सक्रिय होने को तैयार हो गए हैं. अबकी वह न्यूज एक्स के साथ जुड़े हैं.