महिला दिवस के मौके पर अष्टभुजा शुक्ल जी की ये कविता सुनें

Yashwant Singh : महिला दिवस नजदीक है… ‘यह नाटक नहीं चलेगा’- यह वो कविता है जो पुरुष प्रधान इस समाज के ताने-बाने को ललकारती है. इसे रचा और सुनाया जाने-माने वरिष्ठ कवि अष्टभुजा शुक्ल जी ने. कविता पाठ उनने डुमरियागंज में पूर्वांचल साहित्य महोत्सव के दरम्यान किया. कविता की कुछ लाइनें नीचे दे रहा हूं… लेकिन असली आनंद अष्टभुजा जी के मुंह से सुनने में आएगा.