ईमानदार पत्रकारों की इतनी बुरी हालत मैंने पहले कभी नहीं देखी : प्रभात डबराल

Prabhat Dabral : कई महीनों बाद कल रात प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया गया…मंगलवार के बावजूद बड़ी भीड़ थी…कई पत्रकार जो आमतौर पर क्लब नहीं आते, कल आये हुए थे क्योंकि कल संसद में शपथग्रहण था, संसद भवन में पार्किंग बंद थी इसलिए कईयों ने प्रेस क्लब में गाड़ी खड़ी कर दी थी….जाते जाते एकाध टिकाने का लोभ ज़्यादातर पत्रकार छोड़ नहीं पाते…अपने ज़माने में भी ऐसा ही होता था…स्टोरी लिखने के बाद सबसे ज़रूरी काम यही होता था….देखकर अच्छा लगा कि पत्रकारों में जिजीविषा अभी बाकी है…

पहले एक दूरदर्शन था, अब सारे ही चैनल सरकारी हो गए लगते हैं : प्रभात डबराल

Prabhat Dabral : कपिल मिश्रा अरविन्द केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं और पत्रकार बंधु फ़ौरन बी जे पी के नेताओं के पास उनकी प्रतिक्रिया लेने पहुँच जाते हैं. ठीक बात है, यही होना भी चाहिए. बी जे पी प्रवक्ता भी एक स्वर में कह देते हैं कि इन आरोपों के बाद केजरीवाल को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके. बी जे पी नेताओं की ये बात भी तर्कसंगत है. पत्रकार बंधु ये बाईट लेकर आते हैं और चैनल पर चला देते हैं. बी जे पी भी खुश पत्रकार भी खुश.तीन दिन से यही चल रहा है.