राजनीति को मनुष्य के पक्ष में काम करने की जरुरत है- डॉ. विभूति नारायण राय

लखीसराय (बिहार) : बिहार प्रगतिशील लेखक संघ के दो दिवसीय राज्य सम्मलेन विभूति नारायण राय ने कहा कि हम साहित्य को समाज से जोड़कर देखते हैं. पिछ्ला सौ वर्ष असाधारण समय रहा. दुनिया में नास्तिकता चौथे सबसे बड़े धर्म के रूप में उभरी है. पहले ईश्वर निर्विरोध होते थे. पिछले सौ वर्षों में ईश्वर के साथ-साथ परिवार को भी चुनौती मिली है. आज दुनिया के बहुत से देशों में समलैंगिकता को मान्यता मिल रही है. कुछ वर्ष पहले जिसे स्वीकारा नहीं जाता था, उसे स्वीकारा जा रहा  है.  संस्थाएं बनाना कठिन होता है, उसे तोड़ना आसान। बड़े सपने देखना राज्यविरोधी हो रहा है। राजनीति को मनुष्य के पक्ष में काम करने की जरूरत है.