रेल में खेल (1) : ‎मोदी ‎सरकार‬ को इस ब्लंडर की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी

Priyanka Dubey : हम फ्रीलांसर होकर भी हर छोटी से छोटी पेमेंट का एक चौथाई टैक्स भरते हैं. आम लोगों के टैक्स से सरकार काम करती है. हमारे खून पसीने की कमाई से ट्रेन चलाएंगे. और बैठेंगे उसमें प्रीमियम लोग? पहले ही जनरल डब्बे कम कर दिए गए हैं. अब सरकार यह चाहती है की गरीब अपने घर पैदाइश और मौत में न जा पाए? धीरे धीरे जनरल डब्बे खत्म कर दिए जाएंगे और स्लीपर में तत्काल का टिकट आम इंसान खरीद नहीं पाएगा. पूरा भारत व्यापारियों और उद्योगपतियों से भरा गुजरात नहीं है जो जन सुविधा के हर साधन के निजीकरण पर तुले हुए हैं. उम्मीद है कि ‎मोदी ‎सरकार‬ को अपने इस पोलिटिकल और स्ट्रेटेजिक ब्लंडर की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.

पत्रकार प्रियंका दुबे के फेसबुक वॉल से.

रामनाथ गोयनका पाने वालीं प्रियंका इन दिनों ‘तहलका’ से इस्तीफा देकर फ्रीलांस लेखन कर रही हैं

Mohammad Anas : हिंदी पत्रकारिता (प्रिंट) में उल्लेखनीय कार्य हेतु प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवार्ड से Priyanka Dubey को सम्मानित किया गया है। दो बैच सीनियर और बेहद जुझारू एंव स्टोरी के लिए जंगल बीहड़ एक कर देने वाली यह पत्रकार वाकई में आज उस मुकाम पर है जहां अवार्ड वगैरह मायने नहीं रखते। बगिया की चाय हो या स्कूटी के पीछे बैठ कर बड़ी लेक किनारे घूमना, थियेटर या फिर क्लास में धड़ाक से घुस कर ‘अख़बार लिया करो, किताब पढ़ा करो’ की धमकी।