संपादक सुनील साह के निधन से उत्तरांचल और हिंदी पत्रकारिता की अपूरणीय क्षति

गैरसैंण (उत्तरांचल) : अमर उजाला नैनीताल यूनिट के स्थानीय संपादक सुनील साह के निधन से उत्तराखण्ड के पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति हुई है। पत्रकारिता और उत्तराखण्ड की समझ रखने वाले स्व. साह इस समूह में अकेले ऐसे संपादक थे, जिनसे उत्तराखण्डी हितों पर बात -विचार किया जा सकता था और जो उत्तराखण्ड को समझते थे।

चारधाम यात्रा का आगाज अच्छा, लेकिन फूल के कुप्पा न हो उत्तरांचल सरकार

21 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुले तो पिछले दो वर्षों से यात्रा पर छाये संकट के बादल छंटने के संकेत दिख रहे हैं। 26 अपैल को श्री बदरीनाथ धाम के  कपाट खुलने के साथ चार धाम यात्रा पूरी तरह प्रारम्भ हो जायेगी। गंगोत्री व यमुनोत्री धामों में पहले दो दिनों में डेढ़-दो हजार यात्रियों की आवक अच्छे संकेत दे रही है। केदारनाथ धाम में भी अच्छी संख्या में यात्रियों का आना पिछले भय के कम होने के संकेत हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की केदार नाथ यात्रा के राजनैतिक अर्थ भले ही हों लेकिन यात्रा को प्रचार मिला है। पिछले दो वर्षों में आपदा के चलते यात्रा जिस प्रकार प्रभावित हुई, उससे उत्तराखण्ड का आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रांसपोर्ट या होटल-रेस्टोरेंन्ट, घोडा-खच्चर या पालकी के लोग सबकी रोजी रोटी संकट में थी। एक हिसाब से आपदा से निबटना और यात्रा को सुचारु करना कितनी बड़ी चुनौती थी। इसे आपदा के प्रभावितों और आपदा की विभिषिका से एकाकार हुए बिना नहीं समझा जा सकता था।