अरुण धुरी ने मीटिंग बुलाकर कहा- ”यार इस मोदी की कैसे बैंड बजाएं…. कुछ मसाला दो….”

अरुण धुरी जी ‘टीवी टुंडे कबाब’ ग्रुप के सारे एडिटर्स को बुलाकर गहन मंत्रणा कर रहे हैं. देखिए मीटिंग का दृश्य…

पनामा पेपर्स की तरह कहीं आपके कारोबार का भी आनलाइन कच्चा चिट्ठा लीक न हो जाए, जानें सुरक्षा के उपाय

पनामा पेपर्स के लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है. छोटे बड़े देशों के वीआईपी लपेटे में आ चुके हैं. दरअसल ये मोजाक फोंसेका कंपनी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों का लीक है. इन दस्तावेजों में कंपनी के पिछले 30+ सालों के कारोबार का कच्चा चिठ्ठा मौजूद है. कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि उसके डाटा को बाहर के व्यक्तियों द्वारा चुराया गया है. उनका मानना है कि संभवतः किसी ने उनके सर्वर्स पर मौजूद जानकारी को चुराया है. तो हम कह सकते हैं कि ये मामला हैकिंग से जुड़ा हो सकता है. सालों पहले विकीलीक्स में भी कुछ ऐसा ही हुआ था. उन्होंने किस किस देश से कितना डाटा चुराया या प्राप्त किया, ये आज तक पता लगाया जा रहा है.